नई दिल्ली | भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं, जिसमें बैंक का एकल शुद्ध लाभ 6 प्रतिशत बढ़कर 19,684 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी समान अवधि में बैंक ने 18,643 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। बैंक प्रबंधन के अनुसार, ब्याज आय में वृद्धि और फंसे हुए कर्ज की वसूली में आए सुधार की वजह से बैंक इस वित्तीय आंकड़े को छूने में सफल रहा है।
बैंक की वित्तीय सेहत में बड़ा सुधार उसकी परिसंपत्ति गुणवत्ता (Asset Quality) में देखा गया है। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान एसबीआई का सकल एनपीए (GNPAs) घटकर 1.49 प्रतिशत रह गया है, जो एक साल पहले 1.82 प्रतिशत के स्तर पर था। इसी प्रकार शुद्ध एनपीए भी 0.47 प्रतिशत से गिरकर महज 0.39 प्रतिशत पर आ गया है। यह गिरावट बैंक की मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल और कुशल ऋण प्रबंधन प्रक्रिया को दर्शाती है।
बैंक के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹17.35 प्रति शेयर लाभांश (Dividend) देने की घोषणा की है। पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो बैंक का कुल शुद्ध लाभ 13 प्रतिशत की छलांग लगाकर 80,032 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। लाभांश के भुगतान के लिए रिकॉर्ड तिथि 16 मई तय की गई है, जबकि पात्र शेयरधारकों के खातों में राशि का वितरण 4 जून तक सुनिश्चित किया जाएगा।

