मुंबई, 10 मई (वार्ता)। बॉलीवुड के फिल्मकारों ने मां के किरदार को अपनी फिल्मों में बेहद प्रभावशाली तरीके से पेश किया है। कई बार ऐसा भी हुआ है कि मां के सशक्त किरदार की वजह से ही फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में सफल रही है।
सिल्वर स्क्रीन पर मां का किरदार निभाने वाली अभिनेत्रियों में सबसे पहला नाम निरूपा रॉय का आता है। निरूपा रॉय ने कई फिल्मों में मां के सशक्त किरदार को रूपहले पर्दे पर शानदार तरीके से प्रस्तुत किया। वर्ष 1955 में प्रदर्शित फिल्म ‘मुनीम जी’ और वर्ष 1961 में प्रदर्शित ‘छाया’ में मां के प्रभावशाली किरदार को जीवंत करने के लिए निरूपा रॉय को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
वर्ष 1975 में प्रदर्शित फिल्म ‘दीवार’ में निरूपा रॉय ने अच्छाई और बुराई का प्रतिनिधित्व करने वाले शशि कपूर और अमिताभ बच्चन की मां की भूमिका निभाई। इस फिल्म में उन्होंने मां के किरदार को इतनी शिद्दत के साथ निभाया कि लोग उन्हें अमिताभ बच्चन की फिल्मी मां के नाम से जानने लगे। इसके बाद निरूपा रॉय ने ‘खून पसीना’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘सुहाग’, ‘इंकलाब’, ‘गिरफ्तार’, ‘मर्द’ और ‘गंगा जमुना सरस्वती’ जैसी फिल्मों में अमिताभ बच्चन की मां की भूमिका निभाई।
कौन भूल सकता है वर्ष 1957 में प्रदर्शित फिल्म ‘मदर इंडिया’ में नरगिस की भूमिका को। इस फिल्म में नरगिस ने सुनील दत्त और राजेंद्र कुमार की मां की भूमिका को जीवंत किया था। फिल्म में उन्होंने एक ऐसी मां का किरदार निभाया, जो अपने पुत्र के अन्याय करने पर उसे मारने से भी नहीं हिचकती। इस भूमिका के लिए नरगिस को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नूतन ने भी कई फिल्मों में मां के किरदार को रूपहले पर्दे पर खूबसूरती के साथ साकार किया। इन फिल्मों में ‘मेरी जंग’, ‘नाम’, ‘मुजरिम’, ‘युद्ध’ और ‘कर्मा’ खास तौर पर उल्लेखनीय हैं। फिल्म ‘मेरी जंग’ में अपने सशक्त अभिनय के लिए नूतन को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सत्तर और अस्सी के दशक की जानी-मानी अभिनेत्री राखी ने भी कई फिल्मों में मां के दमदार चरित्र को रूपहले पर्दे पर साकार किया। अमिताभ बच्चन के साथ अभिनेत्री के रूप में काम कर चुकी राखी ने फिल्म ‘शक्ति’ में उनकी मां का किरदार बेहद प्रभावशाली तरीके से निभाया था। यदि निरूपा रॉय को अमिताभ बच्चन की मां कहा जाता है, तो राखी को अनिल कपूर की फिल्मी मां माना जाता है। ‘राम लखन’, ‘प्रतिकार’ और ‘जीवन एक संघर्ष’ में राखी ने अनिल कपूर की मां की भूमिका निभाई। ‘खलनायक’, ‘सोल्जर’, ‘बॉर्डर’, ‘करण अर्जुन’, ‘बाजीगर’ और ‘अनाड़ी’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने मां का किरदार सशक्त तरीके से निभाया।
नब्बे के दशक में रीमा लागू ने कई फिल्मों में मां के किरदार को प्रभावशाली ढंग से रूपहले पर्दे पर प्रस्तुत किया। रीमा लागू को कई फिल्मों में सलमान खान की मां के रूप में देखा गया। इनमें ‘मैंने प्यार किया’, ‘साजन’, ‘हम साथ-साथ हैं’, ‘जुड़वा’ और ‘पत्थर के फूल’ जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं। रीमा लागू की मां की भूमिका वाली अन्य फिल्मों में ‘कयामत से कयामत तक’, ‘आशिकी’, ‘हम आपके हैं कौन..!’ और ‘कुछ कुछ होता है’ शामिल हैं।
बीते कुछ वर्षों में कई बॉलीवुड अभिनेत्रियों ने मां के किरदार को मजबूती, साहस और भावनात्मक शक्ति के साथ पर्दे पर उतारा है। मदर्स डे के मौके पर आइए नजर डालते हैं उन दमदार किरदारों पर, जिन्होंने मां की ताकत को नए अंदाज़ में पेश किया।
फिल्म ‘जज़्बा’ में ऐश्वर्या राय बच्चन ने एक वकील के साथ सिंगल मदर का भी किरदार निभाया है, जो अपनी बेटी को बचाने के लिए हर हद पार करने को तैयार रहती है। उनकी परफॉर्मेंस में एक मां की मजबूरी, दर्द और ताकत का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलता है।
‘मॉम’ में श्रीदेवी ने अपने करियर की सबसे भावुक और प्रभावशाली परफॉर्मेंस दी थी। बेटी के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ती एक मां के रूप में उन्होंने दर्द, गुस्सा और अपने नि:स्वार्थ प्यार को बेहद गहराई से निभाया था, जिसने हर दर्शक को भावुक कर दिया।
‘मिमी’ में कृति सेनन ने अपने शानदार अभिनय से सभी को चौंका दिया था। एक महत्वाकांक्षी लड़की से लेकर अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए हर चुनौती का सामना करने वाली मां तक का सफर उन्होंने बेहद खूबसूरती से दिखाया है। सच कहें तो इस किरदार ने उनकी अभिनय क्षमता को एक नए स्तर पर पहुंचाया।
हॉरर-ड्रामा ‘छोरी’ में नुशरत भरुचा ने एक गर्भवती महिला का किरदार निभाया है, जो अपने अजन्मे बच्चे को बचाने के लिए डर और सामाजिक बुराइयों से लड़ती है। उनकी परफॉर्मेंस में भावनात्मक गहराई और साहस दोनों साफ नजर आता है।
‘सलाम वेंकी’ में काजोल ने एक ऐसी मां का किरदार निभाया है, जो अपने गंभीर रूप से बीमार बेटे की देखभाल करती है। इस फिल्म के ज़रिए उन्होंने बेहद संवेदनशीलता और गरिमा के साथ मां के अटूट प्रेम, उम्मीद और हिम्मत को पर्दे पर उतारा है।
रानी मुखर्जी ने फिल्म मिसेज चैटर्जी वर्सेस नॉर्वे में एक ऐसी मां का किरदार निभाया है, जो अपने बच्चों को वापस पाने के लिए पूरे सिस्टम से लड़ जाती है। उनकी दमदार एक्टिंग और भावनात्मक गहराई ने इस किरदार को बेहद यादगार बना दिया है।
इसी तरह बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों ने मां के किरदार को रूपहले पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से निभाया है। इनमें लीला चिटनिस, दुर्गा खोटे, दीना पाठक, वहीदा रहमान, आशा पारेख, हेमा मालिनी, रेखा, जया भादुड़ी, डिंपल कपाड़िया, रति अग्निहोत्री और किरण खेर जैसी अभिनेत्रियां शामिल हैं।
