इंदौर: चर्चित जुआकांड में सस्पेंड टीआई की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर सख्त रुख अपनाते हुए कई अहम सवाल उठाए. सुनवाई में टीआई ने आईएएस अधिकारी का नाम एफआईआर से हटाने का दबाव होने का दावा किया, वहीं कोर्ट ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए दो घंटे की बहस के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया.
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि जब कार्रवाई हुई तो आईएएस अधिकारी के बयान क्यों नहीं लिए गए और फार्महाउस पर सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं थे. कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या वहां पहले से जुआ संचालित हो रहा था और वैधानिक कार्रवाई करने वाले टीआई को ही सस्पेंड क्यों किया.
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी को ही सस्पेंड किया जाएगा, तो इससे गलत संदेश जाएगा और पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई से बचने लगेगी. मामला 10-11 मार्च की रात का है, जब इंदौर में मप्र वित्त निगम की एमडी और 2009 बैच की आईएएस वंदना वैद्य के फार्महाउस पर जुआ खेलते लोगों को पकड़ा गया था. कार्रवाई के बाद मानपुर टीआई लोकेन्द्र सिंह हिहोरे, एसआई मिथुन ओसारी और एएसआई रेशम गिरवाल को सस्पेंड कर दिया था. बाद में एसआई और एएसआई को बहाल कर दिया, लेकिन टीआई पर कार्रवाई जारी रखते हुए उन्हें बुरहानपुर अटैच कर दिया गया.
टीआई लोकेन्द्र सिंह हिहोरे ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया कि उनसे आईएएस अधिकारी का नाम एफआईआर में शामिल नहीं करने और घटनास्थल बदलने का दबाव बनाया गया. इनकार करने पर उसी दिन उन्हें सस्पेंड कर दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि याचिका दायर करने के बाद उनका ट्रांसफर कर उन्हें प्रताड़ित किया. टीआई ने यह भी बताया कि 15 मार्च को सिमरोल क्षेत्र में बड़ा जुआ पकड़ा था, लेकिन वहां के टीआई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस पर भी कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया. टीआई ने सस्पेंशन और चार्जशीट को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं. सस्पेंशन पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है, जबकि चार्जशीट पर सुनवाई अभी बाकी है.
यह था मामला
महू के मानपुर क्षेत्र में महिला आईएएस अधिकारी के नाम पर दर्ज फार्महाउस पर चल रहे जुए के बड़े अड्डे का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था. कार्रवाई में 18 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया था. मौके से 13 लाख 67 हजार 971 रुपए नकद समेत करीब 28.67 लाख रुपए का माल भी जब्त किया गया था
