इजरायल के हमले से दहला लेबनान…सीजफायर के बावजूद IDF ने किया एयर अटैक, महिला पत्रकार समेत पांच लोगों की मौत

सीजफायर के बीच इजरायली हमलों से दक्षिणी लेबनान दहल उठा है। एक पत्रकार सहित पांच लोगों की मौत और राहत कार्य के दौरान दोबारा हमलों ने शांति समझौते पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इजरायल और लेबनान के बीच जारी सीजफायर के बावजूद हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। दक्षिणी लेबनान में ताजा इजरायली हमलों में एक पत्रकार समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जिससे पहले से कमजोर पड़े सीजफायर पर और दबाव बढ़ गया है। लेबनान ने आरोप लगाया कि राहत बचाव के दौरान इजरायल ने दोबारा हमले किए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला हमला दक्षिणी लेबनान के अत-तिरी गांव में हुआ, जहां एक गाड़ी को निशाना बनाया गया। इस हमले में वाहन में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद घटनास्थल पर पहुंचे पत्रकारों पर भी खतरा मंडराने लगा।

IDF का आरोप हिजबुल्लाह तोड़ रहा था सीजफायर
इजरायली सेना इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में दो गाड़ियों को निशाना बनाया, जो हिजबुल्लाह से जुड़े एक ठिकाने से निकली थीं। सेना के अनुसार, यह कार्रवाई संभावित खतरे को रोकने के लिए की गई।

लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, पहले हमले को कवर करने के लिए पहुंचे दो पत्रकार बाद में एक और हवाई हमले की चपेट में आ गए। गांव की एक इमारत पर हुए इस हमले में दोनों मलबे के नीचे दब गए। इनमें से एक महिला पत्रकार अमल खलील की मौत हो गई, जो स्थानीय मीडिया संस्थान अल अखबार से जुड़ी थीं।

राहत बचाव के दौरान इजरायल ने किया हमला
आईडीएफ का कहना है कि उसने यह कार्रवाई इसलिए की क्योंकि हिजबुल्लाह ने सीजफायर का उल्लंघन किया था। सेना के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के सालुकी क्षेत्र में हिजबुल्लाह के दो सदस्य “फॉरवर्ड डिफेंस लाइन” पार कर इजरायली सैनिकों के करीब आ गए थे, जिससे तत्काल खतरा उत्पन्न हुआ।

वहीं, लेबनान के सूचना मंत्री पॉल मोरकोस ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि पत्रकारों पर हमला अस्वीकार्य है और इसके लिए इजरायल को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मीडिया की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग की।

लेबनान में इजरायली हमले जारी
आईडीएफ ने अपने बयान में कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हवाई हमला किया गया और क्षेत्र में अभियान अभी भी जारी है। इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि सीजफायर के बावजूद जमीनी स्तर पर तनाव अभी भी कम नहीं हुआ है।

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