जबलपुर: शातिर जालसाज ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा जीएस कॉलेज के के अधिकृत ज्वेलर्स के साथ मिलकर नकली सोने के जेवर गिरवी रखे और बैंक से 13.58 लाख रुपये का एग्रीकल्चर टर्म लोन (गोल्ड लोन) हड़प लिया।मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने मुख्य आरोपी सौरभ चौधरी सहित दो ज्वेलर्स और एक अन्य सहयोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।जानकारी के अनुसार उप अंचल प्रबंधक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, जबलपुर के द्वारा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में शिकायत करते हुए बताया गया कि सौरभ चौधरी निवासी भीम नगर के द्वारा अनिल सोनी प्रोप्राइटर सौम्या ज्वेलर्स, आशुतोष सराफ प्रोप्राइटर सिद्धेश्वर ज्वेलर्स, घमापुर के साथ मिलकर बैंक के पास नकली स्वर्ण आभूषण रखवाकर 15 लाख रूपए का ऋण लेकर धोखाधड़ी की गई है।
विश्वास जीतकर रची बड़ी साजिश
जांच में सामने आया कि भीम नगर निवासी आरोपी सौरभ चौधरी ने इस ठगी को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर योजना बनाई थी। जून 2023 में उसने बैंक से 3,73,000 रुपये का पहला गोल्ड लोन लिया और उसे समय पर चुकाकर बैंक का विश्वास हासिल कर लिया। खाता बंद करने के ठीक दो दिन बाद, 30 जून 2023 को उसने दोबारा दो अन्य लोन के लिए आवेदन किया और बैंक से कुल 13.58 लाख रुपये की राशि प्राप्त की।
ज्वेलर्स की मिलीभगत से बनी फर्जी रिपोर्ट
इस गबन में बैंक के अधिकृत वैल्यूअर सौम्या ज्वेलर्स अनिल सोनी और सिद्धेश्वरी ज्वेलर्स आशुतोष सराफ की भूमिका सबसे अहम रही। दोनों ज्वेलर्स ने बैंक को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में नकली जेवरों को असली प्रमाणित किया और उनकी फर्जी बाजार वैल्यू तैयार की। इसी कूटरचित रिपोर्ट के आधार पर बैंक ने लोन स्वीकृत कर दिया।
ऑडिट में घोटाला उजागर, जेवरों की कीमत निकली शून्य-
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब 10 फरवरी 2025 को बैंक ऑफ महाराष्ट्र भोपाल मंडल के वरिष्ठ प्रबंधक श्री धीरज कुमार ने वार्षिक निरीक्षण किया। रैंडम जांच के लिए जब सौरभ चौधरी के गिरवी रखे जेवरों के पैकेट खुलवाए गए और बैंक के दूसरे अधिकृत ज्वेलर स्वर्णा ज्वेलर्स से उनकी शुद्धता की जांच कराई गई, तो बैंक अधिकारी दंग रह गए। पैकेट में रखे सभी जेवर पूरी तरह नकली थे, जिनकी बाजार में कोई कीमत नहीं थी।
लोन रकम आते ही हुआ बंदरबांट
जांच में यह भी पाया गया कि लोन की राशि खाते में आते ही, उसी दिन 4,56,000 रुपये अचिन उरमलिया नामक व्यक्ति के नए खुले खाते में ट्रांसफर कर दिए गए थे। बैंक ऑफ महाराष्ट्र, जबलपुर के उप अंचल प्रबंधक की शिकायत पर ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद सौरभ पिता सुखदेव निवासी भीम नगर, अनिल सोनी पिता शंकर लाल सोनी, दरहाई, आशुतोष सराफ पिता केशर चन्द्र सराफ, और अचिन उरमलिया पिता सचिन उरमलिया निवासी ग्वारीघाट के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और गबन का मामला दर्ज कर लिया है।
