वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के अब कूटनीतिक प्रयास तेज होते नजर आ रहे हैं। दोनों देशों के बीच हुए सीजफायर समझौते के बाद 10 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अहम वार्ता आयोजित की जाएगी। इस बैठक को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस वार्ता में अमेरिका की ओर से उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद एवं वरिष्ठ सलाहकार रहे जारेड कुशनर शामिल हो सकते हैं। वहीं, ईरान की ओर से उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की संभावना है। बैठक का मुख्य उद्देश्य हालिया संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य सहित रणनीतिक मुद्दों पर सहमति बनाना होगा।
गौरतलब है कि सीजफायर पर सहमति बनने के महज दो घंटे बाद ही ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई ने बड़ा फैसला लेते हुए सेना को अमेरिका के खिलाफ सभी सैन्य कार्रवाइयां रोकने का निर्देश दिया। उनके इस कदम को शांति प्रक्रिया की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस वार्ता के नतीजे न केवल मध्य पूर्व, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर भी गहरा असर डाल सकते हैं। अब सबकी नजर 10 अप्रैल की इस अहम बैठक पर टिकी है, जहां दोनों देशों के बीच संबंधों में नरमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
