इंदौर: बेरछा के जंगल में लंबे समय से दहशत का पर्याय बनी वारदातों का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पिकनिक स्पॉट और सुनसान जंगल क्षेत्रों में घात लगाकर राहगीरों व कपल्स को निशाना बनाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जांच में सामने आया है कि ये आरोपी जंगल को अपनी आपराधिक गतिविधियों का अड्डा बनाकर मारपीट, लूट और महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसी गंभीर घटनाओं को अंजाम दे रहे थे. एसआईटी, ड्रोन सर्च और मुखबिर तंत्र की संयुक्त कार्रवाई से इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ. इससे क्षेत्र में फैली दहशत पर कुछ हद तक लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है.
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने बताया कि थाना बड़गौंदा में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता मंगलवार 14 अप्रैल को अपने मित्र के साथ इंदौर से लगनसा बाबा मंदिर दर्शन के लिए गई थी. दर्शन के बाद दोनों बेरछा जंगल क्षेत्र में बैठे हुए थे. इसी दौरान दो अज्ञात व्यक्ति मौके पर पहुंचे. दोनों आरोपियों में से एक ने टी शर्ट व जींस तथा दूसरे ने शर्ट पहन रखी थी. दोनों के हाथ में डंडा था. आरोपियों ने पहले पीड़िता और उसके मित्र के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे युवक मौके पर ही गिर गया.
इसके बाद दोनों आरोपियों ने पीड़िता को जबरन पकड़कर मुंह दबाते हुए जंगल के अंदर घसीट लिया. वहां आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और बारी-बारी से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया.वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़िता को धमकाया और बदनामी का डर दिखाकर मौके से फरार हो गए. इस मामले में बड़गौंदा पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक और उप पुलिस महानिरीक्षक इंदौर ग्रामीण जोन रेंज तथा पुलिस अधीक्षक इंदौर ग्रामीण के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महू के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया. एसडीओपी महू को भी विशेष रूप से जांच में लगाया गया था. लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि इसी हुलिये के दो व्यक्ति दोबारा बेरछा जंगल क्षेत्र में किसी वारदात की फिराक में घूम रहे हैं. सूचना के आधार पर एसआईटी ने तत्काल घेराबंदी कर दबिश दी. पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया, पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया.
आरोपियों का तरीका-ए-वारदात…
जांच में सामने आया कि आरोपी बेरछा जंगल क्षेत्र में पहले से घात लगाकर बैठते थे. ये लोग पिकनिक स्पॉट, तालाब किनारे और सुनसान जंगल क्षेत्रों में शराब पीकर बैठते और आने वाले प्रेमी युगल व अन्य लोगों पर नजर रखते थे. मौका मिलते ही मारपीट कर महिलाओं के साथ दुष्कर्म और लूटपाट जैसी वारदातों को अंजाम देते थे तथा धमकी देकर फरार हो जाते थे.
जंगल में ड्रोन और पैदल सर्च ऑपरेशन…
मानपुर, बड़गौंदा और महू थानों की पुलिस टीमों ने बेरछा जंगल में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया. जंगल क्षेत्र में पैदल सर्च के साथ-साथ ड्रोन कैमरों की मदद भी ली गई. आसपास के मार्गों, मंदिरों और पेट्रोल पंपों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. संदिग्धों के स्केच जारी किए और 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था. इसके अलावा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर लगातार संदिग्धों से पूछताछ की गई.
इनकी रही सराहनीय भूमिका…
एसपी भूटिया ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में निरीक्षक प्रकाश वास्कले (थाना प्रभारी बड़गौंदा), निरीक्षक महेंद्र मकाश्रे (थाना प्रभारी मानपुर), एसआई अनिल चाकरे, गजा पटेल, मुन्नालाल डोडियार, संदीप अखाड़िया, एएसआई महेश वर्मा, प्र.आर. नीरज, जितेंद्र, संतोष सहित साइबर सेल के रवि तिवारी तथा अन्य पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही. इसके अलावा थाना महू, पुलिस लाइन एवं अन्य इकाइयों के अधिकारियों व जवानों ने भी सराहनीय सहयोग दिया.
