मुंबई, 09 अप्रैल (वार्ता) विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को बैंकिंग एवं वित्तीय कंपनियों में बिकवाली हावी रही और बीएसई का सेंसेक्स 931.25 अंक (1.20 प्रतिशत) टूटकर 76,631.65 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 222.25 अंक यानी 0.93 प्रतिशत नीचे 23,775.10 अंक पर आ गया। पिछले कारोबारी दिवस पर सेंसेक्स में तकरीबन चार प्रतिशत की तेजी के बाद आज हुई मुनाफा वसूली से प्रमुख सूचकांक गिरावट में रहे। हालांकि कुल मिलाकर निवेश धारणा मजबूत रही।
मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांक बढ़त में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.22 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.17 प्रतिशत चढ़ा। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों पर सबसे अधिक दबाव देखा गया। ऑटो, तेल एवं गैस, रियलटी, एफएमसीजी और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों के सूचकांक भी टूट गये। धातु, फार्मा, स्वास्थ्य और आईटी सेक्टरों में तेजी रही। सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो का शेयर साढ़े तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट में बंद हुआ। एलएंडटी, इटरनल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर दो से तीन प्रतिशत के बीच टूटे।
भारतीय स्टेट बैंक, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, इंफोसिस और एक्सिस बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत की बीच गिरे। एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनीलिवर और अडानी पोर्ट्स के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। बीईएल का शेयर डेढ़ प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा। पावरग्रिड, एनटीपीसी और टीसीएस के शेयर भी एक फीसदी से अधिक मजबूत हुए। एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टाटा स्टील में भी तेजी रही।

