भुवनेश्वर, 24 सितंबर (वार्ता) ओडिशा के कटक स्थित जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण ओपीआईडी अधिनियम न्यायालय ने बुधवार को एक धोखाधड़ी निवेश योजना के मास्टरमाइंड को दोषी करार दिया और भोले-भाले निवेशकों को 14 करोड़ रुपये का चूना लगाने के जुर्म में उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
कटक स्थित ओपीआईडी न्यायालय के विशेष लोक अभियोजक बिस्वजीत महापात्रा ने बताया कि आरोपी पबित्र कुमार साहू को दो जांच अधिकारियों सहित नौ अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान के आधार पर प्राइज चिट्स एवं मनी सर्कुलेशन स्कीम्स (प्रतिबंध) अधिनियम, ओपीआईडी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत सजा सुनाई गयी।
ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 2018 में ओडिशा उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद धोखाधड़ी मामले की जांच शुरू की थी, जबकि धोखाधड़ी 2015 में की गई थी। मामले के रिकॉर्ड के अनुसार, मेसर्स. विबग्योर एलाइड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और कोलकाता में पंजीकृत उसकी सहयोगी कंपनियों ने भुवनेश्वर के सूर्यनगर में एक शाखा कार्यालय खोला।
दोषी ने खुद को कंपनी का ओडिशा प्रमुख बताते हुए, निवेशित राशि पर अधिक रिटर्न का आश्वासन देकर, शिकायतकर्ता सहित आम जनता को कंपनियों की विभिन्न योजनाओं में पैसा निवेश करने के लिए धोखे से प्रेरित किया।
कंपनी ने हालांकि 2013 में अपना कार्यालय बंद कर दिया और जनता द्वारा किए गए निवेश का परिपक्वता मूल्य नहीं चुकाया। अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि बाद में आरोपियों ने निवेशकों द्वारा निवेशित राशि वापस करने की मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
