सक्ती, 16 अप्रैल ( वार्ता ) छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले स्थित वेदांता ऊर्जा संयंत्र में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट मामले में प्रारंभिक जांच में प्रबंधन की लापरवाही के संकेत सामने आए हैं।
पुलिस ने इस संबंध में सख्त कार्रवाई करते हुए वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, संयंत्र प्रमुख देवेंद्र पटेल सहित कुल 19 व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106, 289 एवं 3-5 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल को हुए इस हादसे में अब तक 20 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 घायल विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। प्रशासन के अनुसार मृतकों में पांच छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जबकि शेष 15 अन्य राज्यों से संबंधित हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना को गंभीरता से लेते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध श्रम कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
वहीं, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।
वेदांता प्रबंधन ने अलग से राहत पैकेज की घोषणा करते हुए प्रत्येक मृतक के परिजनों को 35-35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने का आश्वासन दिया है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
घायलों का उपचार रायगढ़ और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में जारी है। रायगढ़ के बालाजी मेट्रो अस्पताल में तीन श्रमिकों का इलाज चल रहा है, जबकि अन्य घायलों का उपचार अलग-अलग चिकित्सा संस्थानों में किया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।
