ग्लासगो, (स्कॉटलैंड) 30 जुलाई (वार्ता) नीरज चोपड़ा की अगुवाई में भारत के तीन एथलीटों ने गुरुवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रमंडल खेल 2026 की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल जगह बना ली है। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिराज क्वालिफिकेशन राउंड में शीर्ष पर रहे। ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यश वीर सिंह के शुक्रवार को होने वाले 12 खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने के साथ, भारत तीन एथलीटों को क्वालिफाई कराने वाला एकमात्र देश बन गया। इससे गेम्स के प्रमुख एथलेटिक्स स्पर्धा में से एक में कई पदक जीतने की भारत की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
पाथिराज 82.84 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ क्वालिफिकेशन में चौंकाने वाले एथलीट बनकर उभरे। उन्होंने ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स (81.29 मीटर), दक्षिण अफ्रीका के डौव स्मिट (80.64 मीटर) और इंग्लैंड के बेन ईस्ट (80.38 मीटर) को पीछे छोड़ा। तेज हवाओं के कारण थ्रो की दूरी सीमित रही और कोई भी एथलीट 84 मीटर के ऑटोमैटिक क्वालिफाइंग मार्क तक नहीं पहुंच सका। 2018 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अपने पहले राष्ट्रमंडल खेल में हिस्सा ले रहे नीरज ने फाइनल में पहुंचने के लिए जरूरी प्रदर्शन किया। 76.28 मीटर के शुरुआती थ्रो के बाद, भारतीय खिलाड़ी ने अपनी दूसरी कोशिश में 79.61 मीटर का थ्रो किया और कुल मिलाकर पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने अपनी पूरी क्षमता दिखाए बिना ही फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
रोहित यादव ने धीरे-धीरे अपनी लय हासिल की और 78.37 मीटर का थ्रो करके नौवां स्थान हासिल किया, जबकि यश वीर सिंह ने 73.89 मीटर के साधारण शुरुआती थ्रो से वापसी करते हुए 78.36 मीटर का थ्रो किया। यह प्रदर्शन उन्हें 10वें स्थान और पदक राउंड में जगह दिलाने के लिए काफी था।
पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम का प्रदर्शन भी औसत रहा। उनका 78.63 मीटर का शुरुआती थ्रो ही उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो रहा, क्योंकि बाद की कोशिशों में वे इसमें सुधार नहीं कर सके और सातवें स्थान पर क्वालिफाई किया।
ऑस्ट्रेलिया के कैमरन मैकिन्टायर (78.91 मीटर), बहामास के कीशॉन स्ट्रैचन (78.60 मीटर), त्रिनिदाद और टोबैगो के केशोर्न वॉलकॉट (78.26 मीटर) और नाइजीरिया के चिनेचेरेम न्नामदी (75.27 मीटर) ने फाइनलिस्ट की सूची में रहे। पथिराज ने खुद को खिताब के असली दावेदार के तौर पर पेश किया, वहीं भारत तीन फाइनलिस्ट के साथ मेडल की दौड़ में संख्या के लिहाज़ से मज़बूत स्थिति में है। हालांकि सबकी नजरें नीरज और अरशद की प्रतिद्वंद्विता के एक और अध्याय पर होंगी। दोनों ओलंपिक चैंपियन क्वालिफिकेशन में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी नीचे रहने के बावजूद सुरक्षित रूप से आगे बढ़ गए हैं।

