
जबलपुर। कुटुंब न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने पत्नी और पुत्र के हक में राहतकारी आदेश पारित किया। इसके अंतर्गत पति को निर्देश दिया कि प्रत्येक माह की 10 तारीख को पत्नी के खाते में साढ़े सात हजार और पुत्र के खाते में ढाई हजार जमा किए जाएं। यह आदेश आवेदन तिथि 12 अप्रैल 2024 से लागू होगा। दरअसल आवेदक राजीव गांधी नगर सदर बाजार निवासी प्रियंका और अमेय पासी की ओर से अधिवक्ता संदेश दीक्षित ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि फारेस्ट कंपाउंड, गौरीघाट निवासी रोहित पासी का विवाह नौ मई 2022 को हिंदू रीति रिवाज से आवेदिका से हुआ था। दोनों की एक संतान है। पुत्र अपनी मां के साथ रहता है। अनावेदक ने पत्नी से विवाह विच्छेद की अर्जी दायर की है। लिहाजा, पत्नी ने भरण पोषण का वाद दायर कर दिया। उसका आरोप है कि विवाह के समय भरसक दहेज दिया गया। इसके बावजूद प्रताडि़त किया गया। मारपीट की गई। घर से निकाल दिया गया। अनावेदक शराब पीकर विवाद करता था। इसीलिए साथ रहना कठिन हो गया। इसके बावजूद आवेदिका बच्चें के लिए सहन कर रही थी। लेकिन परेशान कर मायके जाने विवश किया गया। अब तलाक का केस लगाया गया है। ऐसे में भरण पोषण चाहिए। कोर्ट ने वन विभाग में कार्यरत पति को आदेश दिया है कि वह प्रतिमाह 10 तारीख को पत्नी और पुत्र को 10 हजार का भुगतान करे।
