
छिंदवाड़ा। आज नगर निगम के सभा कक्ष में परिषद की बैठक बुलाई गई. बैठक में पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने वार्डो में दुषित पानी सप्लाई को लेकर जमकर हंगामा किया वहीं अधिकारियों को आड़े हात लिया. पार्षदों का कहना है कि वार्डवासियों ने उन्हें चुना है कि वे उन्हें सुविधांए उपलब्ध कराएगेे. उनके लाख शिकायत करने के बाद भी अधिकारी वार्डो में शुद्ध पानी की सप्लाई नही कर रहे है. पार्षद बौटल में पानी लेकर परिषद की बैठक में पहुंचे थे. बता दे कि परिषद की बैठक करीब दो घंटे से अधिक समय तक चली. बैठक में महापौर माननीय विक्रम सिंह अहके, निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू मागो, आयुक्त सी.पी. राय, उपायुक्त कमलेश निर्गुणकर, निगम सचिव मोहन नागदेव सहित सभी सभापति, विभिन्न वार्डों के पार्षद, निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया गया, जो नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 97 के अंतर्गत आय-व्यय के अनुमान के आधार पर तैयार किया गया है. बजट में कुल 305 करोड़ 95 लाख 3 हजार 500 रुपये की आय तथा 305 करोड़ 94 लाख 88 हजार 500 रुपये का व्यय निर्धारित किया गया है, जिससे 15 हजार रुपये का लाभ दर्शाया गया है। इसमें राजस्व आय 154.59 करोड़ रुपये, पूंजीगत आय 151.35 करोड़ रुपये तथा राजस्व व पूंजीगत व्यय भी इसी अनुपात में निर्धारित किए गए हैं.
प्रमुख प्रस्ताव में अमृत योजना का प्रस्ताव ०००
बजट के प्रमुख घटकों में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत लगभग 180 किलोमीटर जलप्रदाय पाइपलाइन बिछाने एवं 5 नई पानी की टंकियों के निर्माण का प्रस्ताव शामिल है, जिसकी अनुमानित लागत 75 करोड़ रुपये है. इसके अलावा निगम द्वारा दो नई जेसीबी मशीनों की खरीद तथा 2 करोड़ रुपये की लागत से नए फायर स्टेशन के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है. दूसरे प्रस्ताव के तहत ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण को स्वीकृति दी गई. मौजा सारसवाड़ा एवं माल्हनवाड़ा में कुल 198550 वर्गमीटर भूमि इस परियोजना हेतु आवंटित की गई है. भूमि के समतलीकरण, सड़क, नाली एवं अधोसंरचना विकास कार्यों के लिए लगभग 4692.49 लाख रुपये की डीपीआर तैयार की गई है. तीसरे प्रस्ताव में चंदनगांव बोदरी पुल के पास स्थित नगर निगम स्वामित्व की भूमि को लीज पर देने का निर्णय लिया गया. चौथे प्रस्ताव में जामुनझिरी क्षेत्र में बस टर्मिनल, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स एवं इंटीग्रेटेड टाउनशिप निर्माण हेतु लगभग 11.003 हेक्टेयर (27.18 एकड़) शासकीय भूमि के आवंटन को मंजूरी दी गई.
कचरा टैक्स कम करने का मुद्दा परिषद में नही आया ००००
बता दे कि पहले एमआईसी की बैठक में कचरा टैक्स 1200 रुपये से घटाकर 600 रुपये करने का प्रस्ताव पास किया गया था, जिससे शहर की 48 वार्डों की जनता को राहत की उम्मीद जगी थी. लेकिन जब यही मुद्दा परिषद की बैठक में आया ही नहीं, तो पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा. तर्क दिया गया कि यह निर्णय शासन स्तर का विषय है, जिस पर परिषद में फैसला नहीं लिया जा सकता. इसी बात को लेकर सवाल उठा कि जब यह पहले से ज्ञात था, तो फिर जनता के बीच राहत का दावा क्यों किया गया? स्थिति तब और दिलचस्प हो गई जब सत्तारूढ़ दल के पार्षद ही अपनी ही व्यवस्था पर सवाल उठाते नजर आए. बैठक में तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहरवासियों को बढ़े हुए टैक्स से राहत मिलेगी या नहीं—इस पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.
