
भोपाल। मप्र में अप्रैल की शुरुआत के साथ बदला मौसम अब अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग रूप में असर दिखाएगा। सामान्य तौर पर गर्मी बढ़ने के बजाय फिलहाल आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी है, जिससे जहां तापमान नियंत्रित बना हुआ है, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
शुक्रवार को प्रदेश के करीब तीन दर्जन जिलों में बारिश दर्ज की गई। अलीराजपुर जिले के सेंधवा में सर्वाधिक 38 मिमी वर्षा हुई, जबकि कई जिलों में ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल तक यह गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
जिलों में ऐसा रहेगा असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के विभिन्न संभागों में अलग-अलग स्थितियां देखने को मिलेंगी
जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी: यहां तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना अधिक है।
इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन: इन क्षेत्रों में आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, हवा की गति तेज रहने की संभावना है।
भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा: यहां मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है, लेकिन बादल छाने और हल्की बारिश के आसार बने रहेंगे।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र (ग्वालियर, मुरैना, भिंड): यहां तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
रीवा, सतना, सिंगरौली: इस क्षेत्र में भी आंधी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
अलर्ट और सावधानी
प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 से 48 घंटों में 45 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं (30 से 60 किमी प्रति घंटा) और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना बनी हुई है।
मौसम सिस्टम और आगे का ट्रेंड
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में फिलहाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय हैं, जिससे यह बदलाव देखने को मिल रहा है। 7 अप्रैल के बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 10 अप्रैल तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। इसके बाद मौसम साफ होते ही गर्मी तेजी से बढ़ेगी और कई जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
इस तरह, आने वाले कुछ दिन मध्यप्रदेश के लिए मौसम के लिहाज से संवेदनशील बने रहेंगे, जहां राहत और नुकसान दोनों के संकेत एक साथ नजर आ रहे हैं।
