ग्वालियर: पड़ाव स्थित न्यू साकेत नगर के मोहन धानुक के आंगन से 8 महीने के भीतर तीन अर्थियाँ उठ चुकी हैं। 1 अगस्त 2024 से 12 अप्रैल 2025 के बीच तीनों बेटे — धर्मेंद्र, अमर और नीरज एक-एक करके इस दुनिया से चले गए।1 अगस्त 2024 — सबसे छोटे बेटे धर्मेंद्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत। मृतक का मोबाइल ‘कृष्णा’ नामक व्यक्ति के पास मिला — जांच शून्य। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक आज तक नहीं दी पुलिस ने।
19 मार्च 2025— बड़े बेटे अमर* ने घर में फांसी लगाकर जान दी। कारण अज्ञात।12 अप्रैल 2025 — मंझले बेटे नीरज (28) ने बाजार से लौटकर फांसी लगा ली। कारण अज्ञात।पिता मोहन धानुक की पीड़ा है कि—”हम थाने जाते हैं तो पुलिस भगा देती है। 8 माह में मेरे तीन बेटे मर चुके हैं — हमारा सबकुछ खत्म हो गया, लेकिन पुलिस को बिल्कुल तरस नहीं आता। लाचार पिता ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से माँग की है कि तीनों मौतों की निष्पक्ष जांच हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तत्काल परिवार को सौंपी जाए। कृष्णा’ के संबंध में जांच हो। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो।
