
शिवपुरी। लुकवासा में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। तीन साल पहले जिन हाथों ने सात जन्मों का साथ निभाने की कसमें खाई थीं, उन्हीं हाथों ने जहर पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। चंद्रपाल और सावित्री के बीच हुए एक मामूली विवाद ने ऐसा उग्र रूप लिया कि दोनों ने अपनी डेढ़ साल की मासूम बच्ची को भी भुला दिया।
अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए पहले पत्नी ने दम तोड़ा और फिर 12 घंटे बाद पति की भी सांसें थम गईं। वह बच्ची जो कल तक माता-पिता की छांव में सुरक्षित थी अब इस क्रूर दुनिया में तन्हा रह गई है। प्रेम कहानी का यह खौफनाक अंत समाज के लिए एक गहरा सबक छोड़ गया है कि आवेश में लिए गए फैसले सिर्फ जान ही नहीं लेते बल्कि पीछे रह गए अपनों को ताउम्र का गम दे जाते हैं।
