सीहोर। अन्य जिलों में गेहूं खरीदी से पहले गोदामों में अनियमित भंडारण और बिना स्लॉट बुकिंग के गेहूं रखे जाने के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. इन गड़बडिय़ों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी से पहले जांच के निर्देश जारी किए हैं.
शासन के अनुसार रबी उपार्जन वर्ष के अंतर्गत गेहूं की खरीदी 10 अप्रैल से प्रारंभ होना है, लेकिन इससे पहले ही कुछ जिलों में नियमों के विरुद्ध भंडारण की शिकायतों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में तहसीलवार एवं गोदामवार अधिकारियों के जांच दल गठित किए गए हैं, जिन्हें सभी चिन्हांकित गोदामों का भौतिक सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और 2 दिन में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए. निर्देश मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और अधिकारियों के दल निरीक्षण में जुट गए. जांच के दौरान श्यामपुर स्थित जानकी वेयरहाउस, नीलेश वेयरहाउस, कान्याखेड़ी का पटेल वेयरहाउस, गिल्लौर का सुदामा वेयरहाउस, बडऩगर के कमला और प्रतिभा श्री वेयरहाउस, बोरदी कला का श्री अष्ट विनायक वेयर हाउस, पांगरखाती का कमला श्री वेयरहाउस तथा भंवरी कला का महाकाल वेयरहाउस सहित कई गोदामों का निरीक्षण किया गया.
