
ग्वालियर। “आज मुझे ग्वालियर की जनता का जो प्यार मिला है, उसे देखकर मैं भावुक हो गया हूं, ऐसा प्यार मुझे वर्ष 1993 में मिला था जब मैं बाबरी विध्वंस के बाद जेल से छूटने के उपरांत ग्वालियर आया था।” यह बात रविवार को वरिष्ठ भाजपा नेता जयभान सिंह पवैया ने मध्यप्रदेश वित्त आयोग का अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार ग्वालियर आगमन के दौरान रेलवे स्टेशन पर कही। रेलवे स्टेशन पर कार्यकर्ताओं ने पवैया का आतिशबाजी और बैंड बाजों के साथ भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया, ग्रामीण के अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस अवसर पर मप्र वित्त आयोग के अध्यक्ष पवैया का कहना था कि हम अटलजी और ठाकरेजी के संस्कारों में पले बढ़े हैं। उन्होंने इस बात को अपने लिए सौभाग्य बताया कि उन्हें किसी संवैधानिक पद पर अध्यक्ष जैसी महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। पवैया का ग्वालियर स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में पूर्व अध्यक्ष कमल माखीजानी, गंगाराम बघेल, जिला उपाध्यक्ष कनवर किशोर मंगलानी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विवेक जोशी, अशोक शर्मा, राकेश खुरासिया, सुमन शर्मा, जिले के महामंत्री जवाहर प्रजापति, राजू पलैया, बिट्टू तोमर, युवा नेता रामू भैया, विनय जैन, मीडिया प्रभारी डॉ. निशिकांत मोघे, पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया सहित सैंकड़ों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
पवैया पदभार ग्रहण के उपरांत आज साँयकाल 5.30 बजे वन्दे भारत एक्सप्रेस से नई दिल्ली से ग्वालियर आये। पवैया स्टेशन पर नागरिकों का अभिवादन स्वीकार कर सायंकाल वी. आई. पी. सर्किट हाउस मुरार पहुँचे जहाँ प्रशासनिक अधिकारियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मिले।
*‘मां’ समान संगठन को नहीं भूल सकते, जिसकी वजह से सेवा का यह अवसर मिला*
पवैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगू भाई पटेल के प्रति गहरा आभार प्रकट किया। पवैया ने कहा कि इन नेताओं ने उनकी क्षमताओं पर विश्वास जताते हुए उन्हें वित्त आयोग जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारी सौंपी है। पवैया ने कहा कि यह एक संवैधानिक संस्था जरूर है, लेकिन वे अपने ‘मां’ समान संगठन को नहीं भूल सकते, जिसकी वजह से उन्हें सेवा का यह अवसर मिला है। उन्होंने संगठन के प्रति भी कृतज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की जमीनी स्थिति को समझने के लिए व्यापक अध्ययन और प्रदेशभर का दौरा जरूरी होगा। उनके अनुसार, वित्त आयोग की भूमिका गांव से लेकर महानगरों तक विभिन्न निकायों के बीच संसाधनों का न्यायसंगत और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने की सलाह देना है, जिसके लिए गहन अध्ययन आवश्यक है।
