नयी दिल्ली 25 जून (वार्ता) केन्द्र सरकार ने गौतम बुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के दायरे में 417 करोड़ रूपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर (ईएमसी 2.0) की स्थापना को स्वीकृति दी है।
केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने आज इस परियोजना की समीक्षा की। परियोजना के क्रियान्वयन में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को परियोजना के तेजी से क्रियान्वयन के लिए राज्य के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वीकृत ईएमसी 2.0 परियोजना को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए) द्वारा विकसित किया जाएगा। यह क्लस्टर 200 एकड़ में फैला होगा और इसमें 2,500 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है।
इस अवसर पर श्री वैष्णव ने कहा कि इस परियोजना से विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होगा और 15,000 रोजगार के अवसर तैयार होंगे। यह भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप है। यह रोजगार सृजन और विकसित भारत के निर्माण पर सरकार के जोरदार फोकस को दर्शाता है।
यह क्लस्टर उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, ऑटोमोटिव और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, चिकित्सा उपकरण, कंप्यूटर हार्डवेयर और संचार उपकरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विनिर्माण का समर्थन करेगा। स्टार्टअप और एमएसएमई को विश्व स्तरीय प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और साझा सुविधाएं मिल सकेंगी। इसमें कारखाने का स्तरीय शेड, बिजली, पानी की व्यवस्था, सीवेज उपचार, छात्रावास, कौशल विकास केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र आदि शामिल हैं। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर और साज-सामग्री की लागत को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, ईएमसी मेडिकल डिवाइस पार्क, एमएसएमई और अपैरल पार्क और एविएशन हब जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों से घिरा हुआ है।
अब तक इस योजना के तहत परियोजनाओं में लगभग 30,000 करोड़ रूपये का निवेश किया जा चुका है। ईएमसी ने 520 कंपनियों को आकर्षित किया है, जिससे 86,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
