चमोली | विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल औली ने रविवार रात एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। अभी तक केवल दिन की रोशनी में होने वाली स्कीइंग को पहली बार फ्लडलाइट्स की दूधिया रोशनी के बीच ‘नाइट स्नो स्कीइंग’ के रूप में आयोजित किया गया। यूरोपीय देशों की तर्ज पर हुए इस ऐतिहासिक आयोजन ने औली की सफेद ढलानों को किसी जादुई दुनिया में बदल दिया। विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य औली को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करना और इसे यूरोप व अमेरिका के स्की रिसॉर्ट्स के समकक्ष खड़ा करना है।
नेशनल विंटर गेम्स और विंटर कार्निवाल के तीसरे व अंतिम दिन प्रतियोगिताओं का कड़ा मुकाबला देखने को मिला। औली की ट्री-लाइन स्लोप पर आयोजित ‘स्की पर्वतारोहण वर्टिकल रेस’ में मेजबान उत्तराखंड के स्टार एथलीट शार्दुल थपलियाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold) अपने नाम किया। वहीं, भारतीय सेना के राजेश्वर सिंह ने रजत (Silver) और उत्तराखंड के हिमांशु कवाण ने कांस्य पदक (Bronze) हासिल किया। इन खेलों में देशभर के विभिन्न राज्यों और सेना के जांबाज स्कियरों ने अपने कौशल से दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
विशेषज्ञों और खिलाड़ियों का मानना है कि नाइट स्कीइंग की शुरुआत से उत्तराखंड में ‘नाइट लाइफ टूरिज्म’ के एक नए युग की शुरुआत होगी। विंटर गेम्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास ने कहा कि इससे न केवल पर्यटकों के रुकने की अवधि बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय होमस्टे और गाइडों की आय में भी जबरदस्त इजाफा होगा। राष्ट्रीय कोच अजय भट्ट ने इस आयोजन को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा कि औली अब एक पूर्णकालिक साहसिक केंद्र (Full-time Adventure Hub) के रूप में विकसित हो चुका है, जहाँ रात के अंधेरे में भी रोमांच थमेगा नहीं।

