अंग्रेजों के दौर का बकरी पुल बना इतिहास

सीहोर। दशकों तक शहर की पहचान रहा अंग्रेजों के जमाने में बना बकरी पुल अब इतिहास बनने जा रहा है. सोमवार शाम से सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत पुल को तोडऩे का काम शुरू कर दिया गया है, जिसकी जगह अब आधुनिक और चौड़ा नया पुल बनाया जाएगा.

शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए एक्सीलेंस स्कूल से मंडी ओवरब्रिज तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना पर काम तेज हो गया है. इस मार्ग पर स्थित अंग्रेजों के जमाने के दो पुराने पुलों की जगह अब आधुनिक और चौड़े पुल बनाए जाएंगे. सोमवार शाम से बकरी पुल को तोडऩे का काम शुरू कर दिया गया है, जबकि दूल्हा बादशाह पुल का निर्माण कार्य बाद में शुरू किया जाएगा. शहर के प्रमुख मार्ग एक्सीलेंस स्कूल से मंडी ओवरब्रिज तक सड़क चौड़ीकरण के तहत दो पुराने पुलों को हटाकर नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है. इस परियोजना के अंतर्गत बकरी पुल और दूल्हाबादशाह पुल को 5 करोड़ 87 लाख रुपए की लागत से तैयार किया जाएगा. खास बात यह है कि दोनों पुलों के लिए एक ही टेंडर जारी किया गया है और निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया है.

नई परियोजना के तहत दोनों पुलों की चौड़ाई में तीन गुना तक वृद्धि की जाएगी. वर्तमान में जहां इन पुलों की चौड़ाई मात्र 5 मीटर है, वहीं अब इन्हें बढ़ाकर 15 मीटर किया जाएगा. यानी लगभग 45 फीट चौड़े पुल तैयार होंगे. इसके अलावा दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर के फुटपाथ भी बनाए जाएंगे, जिससे पैदल यात्रियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके. ब्रिज कारपोरेशन के सब इंजीनियर कैलाश वर्मा ने बताया कि बकरी पुल को तोडऩे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसे पहले ऊंचाई स्तर तक विकसित किया जाएगा. इसके बाद दूल्हा बादशाह पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। दोनों पुलों को निर्धारित समयसीमा के अनुसार 8 महीनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम होगा और शहरवासियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है.

दोनों पुल का एक साथ निर्माण न करने के कारण

ब्रिज कारपोरेशन के अनुसार, सबसे पहले बकरी पुल को तोड़कर उसका निर्माण किया जाएगा. इसके बाद दूल्हा बादशाह पुल पर काम शुरू होगा. दोनों पुलों पर एक साथ काम न करने के पीछे प्रशासन ने दो प्रमुख कारण बताए हैं. पहला कारण यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है. यदि दोनों पुलों को एक साथ तोड़ दिया जाता है, तो शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल योजना यह है कि बकरी पुल के निर्माण के दौरान वाहन चालक नदी चौराहा, तहसील चौराहा, लुनिया चौराहा होते हुए मंडी तक पहुंच सकेंगे. दूसरा कारण दूल्हाबादशाह पुल के पास स्थित पानी की पाइपलाइन है. ब्रिज कारपोरेशन द्वारा नगर पालिका को पाइपलाइन शिफ्टिंग के लिए राशि जमा कर दी गई है, लेकिन अभी तक यह कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है. हालांकि कुछ प्रारंभिक कार्य किया गया है, लेकिन पूरी तरह लाइन हटने के बाद ही पुल तोडऩे का कार्य शुरू किया जा सकेगा. इसी वजह से इस पुल का निर्माण कार्य बाद में शुरू किया जाएगा.

इन परिवर्तित मार्गों से होकर जा सकेंगे वाहन

पुल निर्माण कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं. इंदौर नाका स्थित मंत्री पेट्रोल पंप से वाहन चालक करबला पुल, गणेश मंदिर रोड होते हुए शुगर मिल चौराहा पहुंच सकेंगे, जहां से लुनिया चौराहा और मंडी की ओर जा सकते हैं. इसके अलावा पुराने भोपाल-इंदौर हाईवे का उपयोग करते हुए अस्पताल चौराहा, गंगा आश्रम और भोपाल नाका के रास्ते अंडरब्रिज से भी गल्ला मंडी पहुंचा जा सकेगा.

 

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