
सोयतकलां। देखा जाए तो सरकार स्वास्थ्य को लेकर बड़े बड़े दावा करती नजर आती है, पर धरातल पर रोजमर्रा की दवा भी नजर नहीं आ रही है. दरअसल, आगर मालवा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रो पर रोजमर्रा की दवाई सिटीजन एमाक्सीसिलिन कफ सिरप आदि दवाईयों के लिए महंगे दामों पर बाजार से खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है. क्योंकि देखा जा रहा है विगत चार माह से सर्दी खासी बुखार के मरीजों की संख्या काफी हद तक बढ़ती जा रही है, जहां एंटीबायोटिक दवाई की आवश्यकता है वह दवाई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं मिल पा रही है जो कहीं ना कहीं आगर जिले के स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलती नजर आ रही है.
आगर जिले के अस्पताल की बात करें तो आए दिन अव्यवस्थाओं में सुर्खियों में बना रहता है आगर जिले के अस्पताल का हाल ही ऐसा है तो इससे ही अनुमान लगाया जा सकता है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र के हाल कितने दयनिय होंगे. आगर जिला कलेक्टर महोदया को मामले को संज्ञान में लेना चाहिए और उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के समय समय पर निरीक्षण करने के निर्देश देना चाहिए ताकि व्यवस्थाओं में सुधार हो सके और गरीबों को जो रोजमर्रा की दवाई है वह नि:शुल्क वितरण हो सके. मीडिया द्वारा उप स्वास्थ्य केंद्रो और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो पर फोन से संपर्क कर जानकारी ली गई तो कहीं जगह पर कम मात्रा में दवाई उपलब्ध है तो कहीं जगह पर मांग करने के बाद भी दवाई उपलब्ध नहीं कराई जा रही है. नाम नहीं छापने की बात पर बताया गया कि हमारे यहां अमोक्सी और सिटीजन को आए 20 दिन हो गए हैं कई बार हमने सुसनेर भी अवगत कराया है पर बताया जाता है कि स्टॉक अभी नहीं है जिले में ही शॉट चल रही है जो कहीं ना कहीं स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल रहा है देखना दिलचस्प होगा कि क्या उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रोजमर्रा की दवाई उपलब्ध होती है या फिर ऐसे ही निजी मेडिकल से दवाई लेने को मजबूर होना पड़ेगा.
