जामनगर, 02 मार्च (वार्ता) गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा ने एक वर्ष का सफर पूरा करते हुए वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद बीते एक वर्ष में वनतारा, घायल और संकटग्रस्त वन्यजीवों के बचाव, अत्याधुनिक उपचार और विज्ञान आधारित संरक्षण के एक समग्र मॉडल के रूप में उभरा है।
उद्योगपति अनंत अंबानी की परिकल्पना से शुरू हुई इस पहल ने पहले ही वर्ष में हजारों वन्यजीवों को नया जीवन देने का प्रयास किया है। शेर, चीते जैसी बड़ी बिल्लियों, सरीसृपों, प्राइमेट्स, पक्षियों और अन्य स्तनधारियों सहित विभिन्न प्रजातियों के जानवरों को बचाकर उनका उपचार किया गया, जबकि कई स्वस्थ होने के बाद दोबारा प्राकृतिक आवासों जैसे जंगलों में लौटाए गए।
संरक्षण के प्रति उनके प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली और उन्हें ग्लोबल ह्यूमेन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
वनतारा ने विशेष रूप से उन जानवरों की देखभाल पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्हें शोषण या कठिन परिस्थितियों से मुक्त कराया गया था। लकड़ी ढुलाई, सर्कस और सवारी जैसी गतिविधियों से बचाए गए 250 से अधिक हाथियों को यहां दीर्घकालिक चिकित्सा और पुनर्वास सुविधा मिल रही है। इसके साथ ही हजारों मगरमच्छों और अन्य वन्यजीवों के लिए वैज्ञानिक निगरानी और पोषण आधारित देखभाल व्यवस्था विकसित की गई है।