
बड़वानी 30 नवम्बर 2025/ निवाली (सचिन शितोले)बड़वानी जिले के निवाली गांव की सुश्री कोमल शीतोले पिता श्री गणेश शीतोले ने विपरीत परिस्थितियों और गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद, स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान बड़वानी से प्रशिक्षण लेने के बाद, वह आज 15 हजार रूपये से 20 हजार रूपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर अपने परिवार का सहारा बन रही हैं। संघर्ष भरा जीवन, पर टूटे नहीं हौसले ।
कोमल का परिवार एक सामान्य ग्रामीण परिवार है, जिसमें माता-पिता और सात बहनें सहित कुल 9 सदस्य हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति तब और बिगड़ गई, जब यह सामने आया कि कोमल और उनकी माँ दोनों सिकल सेल नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। परिवार का सारा खर्च उनके पिता की एक छोटे होटल में काम करने से होने वाली सीमित आय पर निर्भर था, जिससे रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना भी एक चुनौती बन गया था। इन विषम आर्थिक और स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद, कोमल ने हार नहीं मानी और एक बेहतर जीवन की तलाश में जुटी रहीं।
आरएसईटीआइ से मिली नई दिशा
एक दिन, निवाली में आयोजित जागरूकता शिविर में कोमल को संस्थान द्वारा संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत ष्ब्यूटी पार्लर प्रबंधन के 35 दिवसीय प्रशिक्षण में दाखिला लिया, जो जून 2025 में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान, कोमल ने न केवल सौंदर्य सेवाओं के तकनीकी कौशल सीखे, बल्कि आत्मविश्वास, ग्राहक सेवा और स्वरोजगार की बारीकियाँ भी समझीं, जिसने उनके व्यक्तित्व को एक नई पहचान दी। आत्मनिर्भरता की ओर सफल उड़ान
प्रशिक्षण पूरा होते ही, कोमल ने अपने गाँव निवाली में ही अपना ब्यूटी पार्लर शुरू किया। शुरुआत में पूंजी और अनुभव की कमी थी, लेकिन अपने दृढ़ संकल्प और अथक मेहनत के दम पर उन्होंने धीरे-धीरे अपने व्यवसाय को सफल बनाया। आज, वह अपने पार्लर के माध्यम से 15 हजार रूपये से 20 हजार प्रतिमाह की सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। यह आय न केवल उनके स्वयं के इलाज और जरूरतों को पूरा कर रही है, बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए एक बड़ी आर्थिक मदद भी साबित हो रही है।
कोमल शीतोले की सफलता, कठिन परिस्थितियों से जूझ रही अन्य युवतियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन चुकी है। कोमल की कहानी यह दर्शाती है कि सच्ची इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिलने पर, कोई भी चुनौती सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।
