निरहुआ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि क्यों मनोज बाजपेयी और पंकज त्रिपाठी जैसे सितारे भोजपुरी फिल्मों से दूरी रखते हैं, तो चलिए जानते हैं क्या कहा।
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं, बल्कि एक बेबाक इंटरव्यू है। बातचीत के दौरान उन्होंने भोजपुरी इंडस्ट्री की छवि, कलाकारों की सोच और बड़े सितारों की दूरी जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
निरहुआ ने भोजपुरी कलाकारों पर खोला राज
इंटरव्यू में उनसे सवाल किया गया कि जब मनोज बाजपेयी और पंकल त्रिपाठी जैसे नामी कलाकार बिहार से हैं और अपने बिहारी होने पर गर्व भी जताते हैं, तो फिर वे भोजपुरी फिल्मों में काम क्यों नहीं करते? क्या इसकी वजह भोजपुरी सिनेमा की सालों से बनी छवि है? क्या उन्हें डर है कि यहां काम करने से उनके करियर पर असर पड़ सकता है?
इस सवाल पर निरहुआ ने बेहद संतुलित जवाब दिया। उनका कहना था कि असली कारण इंडस्ट्री नहीं, बल्कि लोगों की सोच है। अगर कोई कलाकार पहले से किसी बड़े प्लेटफॉर्म पर स्थापित हो चुका है और फिर दूसरी इंडस्ट्री में काम करता है, तो तरह-तरह की बातें बनने लगती हैं।
लोग सवाल उठाते हैं, “क्या वहां काम नहीं मिल रहा था?” या “करियर डाउन हो गया क्या?” ऐसे कमेंट्स किसी भी बड़े कलाकार की छवि को प्रभावित कर सकते हैं। निरहुआ के मुताबिक, हर कलाकार अपनी मेहनत से बनाई गई प्रतिष्ठा और पहचान को लेकर सजग रहता है। ऐसे में हिचकिचाहट होना स्वाभाविक है।
बताया क्यों बदल रही है भोजपुरी सिनेमा की तस्वीर
निरहुआ ने यह भी माना कि लंबे समय तक एक ही इंडस्ट्री में काम करने से कलाकार उस दायरे में सहज हो जाता है। बाहर निकलकर नई शुरुआत करना आसान नहीं होता। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह किसी के खिलाफ बयान नहीं है।
भोजपुरी सिनेमा को लेकर समय-समय पर कंटेंट और प्रस्तुति पर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन निरहुआ का मानना है कि अब इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है। नई कहानियां, बेहतर तकनीक और दर्शकों की बदली हुई पसंद के साथ भोजपुरी फिल्में भी नए दौर में कदम रख रही हैं। उनके इस बयान ने एक बार फिर भोजपुरी और हिंदी सिनेमा के बीच की दूरी पर चर्चा छेड़ दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में क्या कोई बड़ा हिंदी स्टार भोजपुरी फिल्मों में कदम रखता है या नहीं।
