
जबलपुर। गौरीघाट स्थित नर्मदा नदी में बुधवार को करीब 3 से 4 फुट लंबे मगरमच्छ के मृत मिलने से हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पहले देखा कि पानी में मगरमच्छ तैर रहा है जिसके बाद लोग घाट दूर भागने लगे। कुछ देर बाद लोगों ने देखा कि मगरमच्छ कोई मूवमेंट नहीं कर रहा है जिसके बाद लोगों को शक हुआ और मगरमच्छ की तरफ पानी फेंककर हकीकत जानने की कोशिश की गई।
जब मगरमच्छ ने कोई हरकत नहीं की तो लोगों को पता चल गया कि ये मगरमच्छ मर चुका है। इसके बाद लोगों ने वन विभाग के अमले को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पानी में से मगरमच्छ को बाहर निकाला और पीएम के लिए वेटरनरी कॉलेज भेजा। मगरमच्छ की मौत कैसे हुई है इसका अभी पता नहीं लग सकता है। वहीं नर्मदा मां के भक्तों में इसको लेकर काफी आक्रोश है। भक्तों का कहना है कि मगरमच्छ मां नर्मदा की सवारी है और आज तक के इतिहास में गौरीघाट में कभी कोई मगरमच्छ मृत नहीं मिला है। लोगों ने वन विभाग से हकीकत का पता करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
करंट से शिकार की आशंका
गौरीघाट क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग देने वाले पराग दीवान ने नवभारत को बताया कि बुधवार को घाट किनारे मगरमच्छ का शव पड़ा हुआ था जिसे देखकर आशंका जताई जा रही है कि मगरमच्छ को करंट देकर मारा गया है।
इनका कहना है-
— गौरीघाट में मगरमच्छ मृत अवस्था में मिला है जिसे पोस्टमार्टम के लिए वेटरनरी कॉलेज स्थित फोरेंसिक सेंटर भेज दिया गया है। एक दिन में पीएम रिपोर्ट सामने आएगी जिसके बाद मौत की वास्तविक स्थिति का पता लग सकेगा। मगरमच्छ के शरीर में किसी प्रकार के निशान नहीं मिले हैं।
–अपूर्व शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी जबलपुर।
