
जबलपुर। चक्रवातीय तूफान मोंथा के असर से मौसम का मिजाज बदल गया। बुधवार को सुबह से बादलों का डेरा रहा। दिन चढऩे के बाद सूर्यदेव और बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। हवाएं भी चली। पारे में उतार चढ़ाव और मौसम की बदली रंगत के साथ ठंडी हवाओं के चलते ठंड का एहसास भी बढ़ गया। मौसम विभाग की माने तो बुधवार को अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से दो डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री पर पहुंच गया जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहा। सुबह के वक्त आद्रता 88 और शाम को 77 प्रतिशत दर्ज की गई। पूर्वी हवाएं चार से पांच किमी की रफ्तार से चली।
मौसम विभाग की माने तो तटीय आंध्र प्रदेश पर अवस्थित चक्रवातीय तूफान मोंथा पिछले छह घंटों के दौरान 15 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। अगले 6 घंटों के दौरान इसके आंध्र प्रदेश और उससे सटे तेलंगाना और दक्षिणी छत्तीसगढ़ से होते हुए उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढऩे और कमज़ोर होकर एक अवदाब (डिप्रेशन) में परिवर्तित होने की संभावना है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण, दक्षिण हरियाणा और संलग्न राजस्थान पर माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर की ऊंचाई पर सक्रिय है।
