सिविल अस्पताल के नर्स डॉक्टर के स्टाफ ने गुमराह किया। 12 घण्टे के बाद रात के करीब 12 बजे डिलेवरी हुई. डिलेवरी के दौरान महिला के मुंह से झाग निकला और कुछ देर में उसने दम तोड़ दिया. इस दौरान बच्चे की भी मृत्यु हो गई. महिला और बच्चे की मौत की जानकारी लगते ही रात के करीब 12 से दो बजे तक डॉक्टरों एवं स्टाफ का जमावड़ा लग गया. प्रबंधन मामले को रफा दफा करने में जुट गया और दोनों शव पोस्टमार्टम रूम में रखवा दिया.
सोमवार को सुबह परिजन पीएम के लिए भटकते रहे, लेकिन जिम्मेदार डॉक्टर नहीं पहुंचे. इस दौरान परिजन यहां-वहां भटकते रहे. डॉक्टर के पास गए तो जवाब मिला अभी महिला डॉक्टर नहीं है, पोस्टमार्टम होने में समय लगेगा. इधर भैरूंदा पुलिस पूरे मामले की जांच जुट गई है.