
जबलपुर। फर्जी भारतीय पासपोर्ट से जुड़े मामले में एटीएस ने पांच और अफगानियों को गिरफ्तार करने के साथ 25 फरवरी तक रिमांड में लिया है। रिमांड के दौरान पांचों आरोपियों को एटीएस दमोह स्थित पासपोर्ट कार्यालय ले गई जहां छानबीन की गई इसके अलावा एक होटल में भी टीम आरोपियों को लेकर पहुंची जहां वे ठहरे हुए थे। इसके अलावा फर्जी दस्तावेज जहां से बनाये गए वहां पर भी उन्हें ले जाया गया।
विदित हो कि एटीएस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाकर अवैध रूप से जबलपुर में रह रहे घुसपैठियों पर 31 जुलाई 2025 में एक्शन लेते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया था। दस साल से जबलपुर में रहे अफगानियों को पकड़ा गया था जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाकर अवैध रूप से रहे थे। अफगानी नागरिक सोहबत खान पिता बदरुद्दीन खान को गिरफ्तार किया था। जांच में एटीएस को 20 अफगानी युवकों की जानकारी मिली थी। इसके बाद एटीएस ने अफगानी नागरिक मोहम्मद अकबर 53 वर्षीय, इकबाल पिता असलम खान 27 वर्ष समेत मददगार चंदन सिंह ठाकुर पिता अमर सिंह ठाकुर निवासी शंकर शाह नगर रामपुर छापर समेत दिनेश गर्ग पिता श्रवण कुमार गर्ग, 40 वर्ष विजय नगर, महेंद्र कुमार निवासी कटंगा को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वन विभाग के वनारक्षक और कलेक्ट्रेट में चुनाव सेल में कार्य कर रहे दिनेश गर्ग और फर्जी अधिवक्ता चंदन सिंह की जाली दस्तावेजों को बनवाने से लेकर पासपोर्ट बनवाने में अहम भूमिका थी। मामले की जांच पड़ताल के बाद एटीएस ने जांच का दायरा बढ़ाया जिसके बाद कोलकाता में दबिश देकर जाली पासपोर्ट बनवाने वाले रजा खान, सुल्तान, जिया उल रहमान, सैयद मोहम्मद, जफर खान को गिरफ्तार शहर लाया गया है। जिन्हें 25 फरवरी तक रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही है।
दमोह पासपोर्ट कार्यालय संदेह के दायरे में
सूत्रों की माने तो दमोह पासपोर्ट कार्यालय संदेह के दायरे में आ गया है। बताया जाता है कि अफगानियों के फर्जी पासपोर्ट दमोह कार्यालय से ही बने थे । पूर्व में पकड़े गए चंदन, दिनेश, महेन्द्र पांचों अफगानियों को दमोह फोरव्हीलर से पासपोर्ट कार्यालय ले गए थे जहां उनके जाली पासपोर्ट बने। एटीएस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है, पूर्व में बने पासपार्ट को लेकर भी छानबीन की जा रही है । शंका है कि कई और भी जाली पासपोर्ट दमोह से ही बने है इसमें कुछ अन्य की मिलीभगत की भी जानकारी एटीएस को मिली है जिसकी जांच जारी है।
होटल में ठहरे, फर्जी दस्तावेज बनवाये
आरोपित होटल में भी ठहरे थे। इस दौरान उन्होंने फर्जी दस्तावेज भी बनवाये थे एटीएस उन्हें होटल से लेकर पासपोर्ट कार्यालय तक ले गई थी। जहां लंबी छानबीन के साथ जांच पड़ताल हुई।
कई और रडार में
सूत्रों के मुताबिक इस फर्जीवाड़े स जुड़े नए कई और रडार में आ गए है। फर्जी दस्तावेज बनवाने से लेकर पुलिस वेरिफिकेशन करवाने और पोस्ट ऑफिस से पासपोर्ट हासिल करवाने से लेकर अफगानियों की मदद करने वालों की एटीएस पूरा ब्यौरा तैयार कर रही है। कई बिन्दुओं पर जांच पड़ताल चल रही है।
