नयी दिल्ली, 20 फरवरी (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अधिकारियों को भारत में कहीं भी बाबर या बाबरी मस्जिद के नाम पर किसी भी मस्जिद के निर्माण या नामकरण की अनुमति देने से रोकने का निर्देश देने की मांग की गयी थी।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ ने इस मामले पर विचार करने से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता ने बाबर को ‘आक्रमणकारी’ बताते हुए तर्क दिया था कि उसके नाम पर किसी भी मस्जिद का निर्माण या नामकरण नहीं किया जाना चाहिए।
शीर्ष अदालत ने चूंकि इस याचिका को स्वीकार करने से मना कर दिया, इसलिए याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली। इसके बाद खंड पीठ ने याचिका खारिज कर दी।
