सतना: अपनी मां के साथ मैहर देवी का दर्शन करने के लिए ट्रेन में चढ़े बालक को नींद आ गई और वह सोते-सोते छत्तीसगढ़ के दुर्ग तक पहुंच गया. जहां पर प्लेटफार्म पर भटकता देख आरपीएफ कर्मी ने उसे मुख्य स्टेशन प्रबंधक कार्यालय पहुंचा दिया. जहां पर बालक को चाइल्ड लाइन को सौंपने के बाद वापस घर भेजने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरु कर दी गई.
दुर्ग रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के सहायक उनि संजय गांगुली जब गश्त कर रहे थे तो इस दौरान प्लेफार्म क्र. 2-3 पर लगभग 11 वर्ष का एक बालक घूमता दिखाई दिया. बालक को अकेले घूमता देख एएसआई ने उसे रोकर पूछताछ शुरु की. बालक ने एएसआई को बताया कि वह सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत सीताराम पेट्रोल पंप के पास रहता है.
वह मैहर दर्शन करने के लिए अपनी मां के साथ ट्रेन में बैठा था. लेकिन ट्रेन में यात्रा के दौरान उसे नींद आ गई, और सोते-सोते वह दुर्ग पहुंच गया. यह जानकारी मिलने पर एएसआई गांगुली बालक को लेकर मुख्य स्टेशन प्रबंधक कार्यालय पहुंच गए. जहां पर मुख्य स्टेशन प्रबंधक शैलेंद्र कुमार द्वारा चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई. चाइल्ड लाइन के चाइल्ड केयर की सदस्य भूमि लाखुण्डे सीएसएम कार्यालय पहुंच गईं. जहां पर मुख्य स्टेशन प्रबंधक और आरपीएफ एएसआई की मौजूदगी में बालक को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया. जिसके बाद बालक को सकुशल उसके घर वापस भेजने की कार्रवाई शुरु कर दी गई.
