बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने एक इंटरव्यू में कहा है कि 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के बाद नई सरकार को सत्ता सौंपने में कोई देरी नहीं की जाएगी।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र के नाम एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया है। बांग्लादेश में लोकतंत्र की बहाली और सत्ता का हस्तांतरण के तहत उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया है कि लोकतंत्र की बहाली उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 12 फरवरी को होने वाले मतदान के बाद सत्ता का हस्तांतरण बिना किसी विलंब के किया जाएगा। यह घोषणा देश में स्थिरता लाने और चुनावी अफवाहों को पूरी तरह से शांत करने की एक बड़ी कोशिश है।
सत्ता हस्तांतरण का वादा
मोहम्मद यूनुस ने मंगलवार को अपने टेलीविजन संबोधन में स्पष्ट किया कि चुनाव के तुरंत बाद नई सरकार कार्यभार संभाल लेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपकर गर्व के साथ अपने काम पर लौट जाएगी। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सत्ता हस्तांतरण को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं।
ऐतिहासिक चुनावी क्षण
12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव को यूनुस ने देश के भविष्य के लिए एक निर्णायक और ऐतिहासिक क्षण बताया है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और लोकतंत्र को मजबूत करने की अपील की। इस बार मतदान के साथ-साथ एक विशेष जनमत संग्रह भी आयोजित किया जाएगा जो जुलाई चार्टर के क्रियान्वयन पर आधारित होगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेश में रिकॉर्ड संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सशस्त्र बलों को मजिस्ट्रेटी अधिकार दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। मुख्य सलाहकार ने सभी राजनीतिक दलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने कार्यकर्ताओं को हिंसा से दूर रखें।
भ्रामक सूचनाओं से बचाव
यूनुस ने देशवासियों से दुष्प्रचार और गलत सूचना फैलाने वाले तत्वों से पूरी तरह से सतर्क रहने का विशेष आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि अराजकता पैदा करने वाले लोग लोकतंत्र की राह में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनावी माहौल बिगाड़ने या हिंसा भड़काने की किसी भी कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लोकतंत्र की नई दिशा
यूनुस ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के जीवन में कुछ विशेष दिन ऐसे आते हैं जो उसकी दिशा और स्थिरता तय करते हैं। उन्होंने 12 फरवरी को उसी श्रेणी में रखा है जहां जनता की सामूहिक इच्छा देश का नया नेतृत्व और भविष्य चुनेगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी पक्षपात के अपनी ड्यूटी निभाएं ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
पिछली सरकार का अंत
यह चुनाव अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद देश में आयोजित होने वाला पहला बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास है। कोटा सिस्टम के विरोध में शुरू हुए छात्र आंदोलन ने देखते ही देखते एक देशव्यापी क्रांति का रूप ले लिया था। शेख हसीना को 5 अगस्त 2024 को भारी विरोध के बीच देश छोड़कर भागना पड़ा था और उन्होंने भारत में शरण ली।
स्वतंत्र चुनाव का संकल्प
अंतरिम प्रशासन ने चुनाव आयोग को हर संभव सहायता प्रदान की है ताकि पूरी प्रक्रिया में कोई भी त्रुटि न रहे। मोहम्मद यूनुस का मानना है कि पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से एक नई और मजबूत सरकार का उदय होगा जो प्रशासन संभालेगी। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के उच्चतम मानक हर हाल में बनाए रखे जाएं।
