
ग्वालियर। श्रीमद् भागवत गंगा के समान है। भागवत को संतों ने गंगा का रूप दिया है। संतो के श्रीमुख से निकली वाणी गंगा कहलाती है। एक भागीरथी गंगा है और एक सत्संग रूपी भागवत गंगा है। उक्त अमृत वचन गिरगांव स्थित लोढ़ी माता मंदिर मे पटेल परिवार के द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथावाचक आचार्य दिनेश शास्त्री के द्वारा व्यक्त किये गये।
श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का रसपान किया। कथा वाचक ने श्रीकृष्ण बाल लीला, माखन चोरी लीला, वेणु गीत गोवर्धन पूजा आदि प्रसंगों का वर्णन किया। कथा के दौरान छप्पन भोग व गोवर्धन पर्वत की झांकी सजाई गई। झांकियों को देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। आचार्य ने कहा कि भगवान की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक है।
आयोजन कर्ता चौधरी बंटी गुर्जर, धर्मवीर सिंह ने बताया कि कथा के छठे दिन महारास, गोपी गीत प्रसंग, कंस मर्दन, रूकमणी मंगल होगा। कथा के साथ-साथ बीच में सुमधुर भजनों से भक्तों को जोड़ने में मजबूर कर देते है। कथा को सुनने के लिए शहर के साथ जिले के आसपास के गांवों व अन्य जिलो के लोग पहुंच रहे हैं।
कथा के परीक्षित चौधरी बंटी सिंह – श्रीमती सत्यभामा, राकेश मावई पूर्व विधायक मुरैना, कल्याण सिंह, सतपाल सिंह, संजय शर्मा महलगांव, श्री कृष्ण गुर्जर, चौधरी धर्मवीर धर्मवीर सिंह, चौधरी अतर सिंह, शिव सिंह पूर्व सरपंच, सुल्तान सिंह पूर्व सरपंच, रामवीर सिंह, नीटू गुर्जर, रामरुप गुर्जर, चौधरी राम गुर्जर ने व्यास पीठ की आरती की।
कथा के अंत मे आचार्य दिनेश शास्त्री को माला अर्पण की गई।
