
इंदौर. उमरियाखुर्द गांव के पास बिना मुंडेर वाले कुएं में गिरा तेंदुआ गंभीर रूप से घायल हो गया है. इलाज के दौरान लंबे समय तक चल-फिर न पाने के बाद जब उसकी जांच कराई गई तो एक्स-रे रिपोर्ट में उसके शरीर के पिछले हिस्से में लकवे की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों के अनुसार ऊंचाई से गिरने के कारण तेंदुआ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की चपेट में आ गया है, साथ ही मांसपेशियों को भी नुकसान पहुंचा है.
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 11 जनवरी को गांव के कुएं में तेंदुए के गिरने की सूचना मिली थी. इसके बाद रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए चिड़ियाघर ले जाया गया. हालांकि उस समय संबंधित डॉक्टर पारिवारिक शोक के कारण अवकाश पर थे, जिसके चलते तेंदुए का एक्स-रे नहीं कराया जा सका. बाद में उसे रालामंडल क्षेत्र में रखकर दवाओं और इंजेक्शन के माध्यम से इलाज जारी रखा. लगातार उपचार के बावजूद करीब 19 दिन बीत जाने के बाद भी तेंदुआ अपने पिछले पैरों पर खड़ा नहीं हो सका. हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर विशेषज्ञ जांच की जरूरत महसूस हुई. वन विभाग का कहना है कि चिड़ियाघर में लगी एक्स-रे मशीन खराब होने के कारण तेंदुए को महू स्थित वेटरनरी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसका एक्स-रे कराया. जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि तेंदुए के शरीर का पिछला हिस्सा लकवे से प्रभावित है. अब तेंदुए के इलाज के लिए लेजर फिजियोथेरेपी ट्रीटमेंट अपनाने की तैयारी की जा रही है. इसके साथ ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तेंदुए को भोपाल स्थित रेस्क्यू सेंटर और वन्यजीव अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है.
