इजराइल और US ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ शुरू किया, जिसमें 30 महिला एयरक्रू मेंबर्स ने मोर्चा संभालते हुए दिन के उजाले में कई ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इजराइलऔर अमेरिका ने साझा तौर पर ईरान के खिलाफ एक बहुत ही बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत कर दी है। इस ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के तहत ईरान के आसमान में जारी हवाई हमलों में इस बार जांबाज महिला पायलटों ने युद्ध की कमान संभाली है। करीब 30 जांबाज महिला एयरक्रू मेंबर्स ने फाइटर जेट्स के जरिए दुश्मन के सैन्य ठिकानों पर सीधे तौर पर घातक प्रहार कर अपना दम दिखाया है। इस ऐतिहासिक मिशन ने न केवल युद्ध की दिशा बदल दी है, बल्कि पूरी दुनिया में महिला योद्धाओं के अदम्य साहस का एक नया उदाहरण भी पेश किया है।
युद्ध के मैदान में महिला योद्धाओं का पराक्रम
इजराइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक इस पूरे ऑपरेशन में महिला पायलटों और नेविगेटर्स की भूमिका काफी निर्णायक रही है। इन 30 महिला योद्धाओं ने ईरान के ऊपर चुनौतीपूर्ण आसमान में मोर्चा संभालते हुए कई जटिल रणनीतिक और सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर के किसी अंतरराष्ट्रीय सैन्य ऑपरेशन में इतनी बड़ी संख्या में महिला एयरक्रू ने सीधे तौर पर हिस्सा लिया है।
दिन के उजाले में अचानक किया गया प्रहार
इजराइल और अमेरिका की डिफेंस टीमों ने इस हमले की रणनीति कई महीनों की बहुत ही बारीकी और कड़ी मेहनत के बाद तैयार की थी। हवाई हमले के लिए जानबूझकर दिन का समय चुना गया ताकि ईरानी सेना को संभलने का मौका न मिले और कम समय में अधिक नुकसान पहुंचाया जाए। दिन के उजाले में हुए इस अचानक प्रहार का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को पंगु बनाना और उसे किसी भी जवाबी कार्रवाई से रोकना था।
परमाणु वार्ता की विफलता और बढ़ता संघर्ष
यह आक्रामक सैन्य कार्रवाई उस समय की गई जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही महत्वपूर्ण बातचीत पूरी तरह विफल हो गई। बातचीत के टूटने के तुरंत बाद इजराइल और अमेरिका की संयुक्त टीमों ने इस बड़े मिशन को अंजाम देने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। सोशल मीडिया पर आई जानकारी यह पुष्टि करती है कि इन महिला पायलटों ने न सिर्फ विमान उड़ाए, बल्कि युद्ध के मैदान में अपनी योग्यता भी साबित की।
