नयी दिल्ली, (वार्ता) भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल को दूरसंचार क्षेत्र में उनके वैश्विक स्तर पर योगदान के लिए ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशन्स (जीएसएमए) ने बार्सिलोना में एक वैश्विक कार्यक्रम के दौरान ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया है।
सोमवार को कंपनी की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि श्री मित्तल को ” यह सम्मान उन्हें दुनिया भर में दूरसंचार क्षेत्र का परिदृश्य बदलने और सरकारों, व्यवसायों तथा अरबों उपभोक्ताओं तक कनेक्टिविटी (संपर्क) के विस्तार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए दिया गया है।” वह यह सम्मान पाने वाली दूरसंचार क्षेत्र की कुछ गिनी-चुनी हस्तियों में शामिल हैं। बार्सिलोना में आयोजित ‘मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस’ के दौरान यह सम्मान उन्हें स्पेन के राजा महामहिम फेलिप षष्ठम, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज, कैटलोनिया के राष्ट्रपति साल्वाडोर इला और वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदान किया गया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि श्री मित्तल के नेतृत्व में भारती एयरटेल आज दुनिया की अग्रणी मोबाइल ऑपरेटर कंपनियों में से एक है। भारत और अफ्रीका में अपने ऑपरेशन के साथ एयरटेल दुनिया की शीर्ष तीन कंपनियों में शामिल है और 50 करोड़ से अधिक ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे रही है। उन्होंने उभरते बाजारों में मोबाइल सेवाओं के विस्तार की पहल की और साल 2017 से 2018 तक जीएसएमए के चेयरमैन के रूप में कार्य किया।इससे पहले उन्हें वैश्विक मोबाइल उद्योग के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2008 और 2016 में ‘जीएसएमए चेयरमैन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जा चुका है।
श्री मित्तल ने कहा है, ” यह सम्मान पाकर मैं अत्यंत गौरवान्वित हूं … मैं इसे केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि भारत की दूरसंचार यात्रा, भारती परिवार की सामूहिक भावना और वैश्विक पटल पर भारतीय दूरसंचार कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के सम्मान के रूप में स्वीकार करता हूं। यह सम्मान उस उद्योग की प्रगति को भी दर्शाता है जिसने अरबों लोगों को आपस में जोड़ा है। इसका श्रेय हमारे ग्राहकों, उन टीमों को जिन्होंने हमारे संस्थानों का निर्माण किया और उन भागीदारों को जाता है जो कनेक्टिविटी की परिवर्तनकारी शक्ति में विश्वास रखते हैं।”
उन्होंने कहा, “दूरसंचार एक ऐसी शक्ति है जो अवसरों का विस्तार करती है, आवश्यक सेवाओं को हर व्यक्ति की मुट्ठी में पहुँचाती है और मानवीय क्षमताओं के नए द्वार खोलती है।”
