मुक्त व्यापार समझौतों से असम के जैविक कृषि एवं बागवानी उत्पादों के लिए खुल रहे हैं निर्यात के बड़े अवसर: एपीडा

नयी दिल्ली , 20 जनवरी (वार्ता) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एजेंसी कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने असम सरकार के सहयोग से गुवाहाटी में आयोजित क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में भारत के अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों से असम के जैविक कृषि तथा बागवानी उत्पादों के निर्यात की विशाल संभावनाओं का उल्लेख किया है।

सम्मेलन में 30 से अधिक निर्यातकों, नौ आयातकों और 50 विदेशी मुद्रा उत्पादक कंपनियों ने भाग लिया।

मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्येश्य हितधारकों को व्यापार के अवसरों का पता लगाने और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने में मदद करना था।सम्मेलन में जैविक उत्पादन के राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीओपी) के आठवें संस्करण पर एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें नियामक ढांचा और सम्पर्क की आवश्यकता जैसे विषय शामिल थे।

असम सरकार के कृषि, बागवानी और उत्पाद शुल्क मंत्री अतुल बोरा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि असम और पूर्वोत्तर में उच्च गुणवत्ता वाले, जैविक रूप से उगाए गए कृषि और बागवानी उत्पादों का समृद्ध भंडार है।उन्होंने कहा कि एपीडा के साथ घनिष्ठ सहयोग से एकत्रीकरण, प्रमाणीकरण और बाजार संबंधों को मजबूत करने से किसानों और उद्यमियों को टिकाऊ और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य तरीके से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने संशोधित राष्ट्रीय खाद्य नीति (एनपीओपी) में किसान-हितैषी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैंड के साथ हाल ही में हस्ताक्षरित जैविक पारस्परिक मान्यता समझौतों के साथ-साथ ब्रिटेन, ओमान और चार यूरोपीय देशों के यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ साथ हाल ही में मुक्त व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से जैविक उत्पादों के लिए विस्तारित बाजार खुलने और कृषि, बागवानी और जैविक निर्यात की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि असम अपनी समृद्ध कृषि-जलवायु विविधता के साथ निर्यात की अपार संभावनाओं वाली कई वस्तुओं का उत्पादन करता है। यहां का जोहा चावल और विभिन्न गैर-बासमती चावल की विशेष किस्मों के अतिरिक्त यहां के केला, अनानास, संतरा, असम नींबू, जैविक अदरक, हल्दी, काली मिर्च जैसे फल और सब्जियां, साथ ही बागवानी और अन्य जैविक उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला, वैश्विक कृषि बाजारों में राज्य की उपस्थिति का विस्तार करने के मजबूत अवसर प्रदान करती है।

 

 

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