
गुना। जिला अस्पताल परिसर इन दिनों प्राइवेट एंबुलेंस चालकों की आपसी रंजिश और विवादों का केंद्र बनता जा रहा है। बीती रात और आज सुबह अस्पताल परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हथियारबंद हमलावरों ने एक एंबुलेंस चालक को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। विवाद इतना बढ़ा कि हमलावरों ने पुलिस के खौफ को दरकिनार कर अस्पताल चौकी को ही निशाना बना लिया। पुलिस चौकी के गेट पर जमकर लाठियां बरसाई गई।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से यहां प्राइवेट एंबुलेंस चालकों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। कुछ दिन पहले ही चाकूबाजी की घटना हुई थी, जिसकी टीस अभी भी बरकरार है।
ताजा विवाद तब और गहरा गया जब कुछ एंबुलेंस चालकों ने गेट पास और फायर सिस्टम की देखरेख करने वाले कर्मचारियों पर नशीले पदार्थ बेचने के गंभीर आरोप लगाए। इसी आरोप-प्रत्यारोप के बीच बीती रात झगड़ा शुरू हुआ, जिसने रविवार सुबह हिंसक रूप ले लिया। एंबुलेंस चालक अकील खान पर अस्पताल परिसर में कथित तौर पर सक्रिय एक महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर हमला कर दिया। ये लोग लाठी, लोहंगी और डंडों से लैस होकर एंबुलेंस चालक अकील को मारने पहुंच गए। अपनी जान बचाने के लिए अकील भागकर अस्पताल स्थित पुलिस चौकी में घुस गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने कानून का भय छोड़कर पुलिस चौकी के गेट पर लट्ठ बरसाना शुरू कर दिया चौकी के गेट पर जमकर लाठियां बरसाई गई। अस्पताल में मौजूद मरीज और उनके परिजन इस हंगामे को देख दहशत में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस के आने से पहले हमलावर चौकी के बाहर उत्पात मचाते रहे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हंगामा करने वाले सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें कोतवाली ले गई है। इस मामले के लेकर जानकारी सामने आ रही है कि जिला अस्पताल परिसर में एंबुलेंस चालकों के दो गुट बन गए हैं जिनमें आपसी प्रतिद्वंता और रंजिश के चलते आए दिन विवाद हो रहे हैं।
