इंडिगो मामले की होगी उच्चस्तरीय जांच, सरकार ने दिया तीन दिन में स्थिति सामान्य होने का आश्वासन

नयी दिल्ली, 05 दिसंबर (वार्ता) इंडिगो मामले की केंद्र सरकार ने उच्चस्तरीय जांच कराने का फैसला किया है जिसमें इसके कारणों को जानने और भविष्य में इस तरह की स्थिति को रोकने के उपाय सुझायेगी।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) से जुड़े आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। यह फैसला पूरी तरह से यात्रियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, मरीजों तथा ऐसे अन्य लोगों को ध्यान में रखकर लिया गया है जो अनिवार्य जरूरतों के कारण हवाई यात्रा कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि डीजीसीए ने शुक्रवार को एफडीटीएल से संबंधित आदेश को आंशिक रूप से वापस ले लिया है। नियामक ने उस हिस्से को वापस लिया है जिसमें पायलट के हर सप्ताह लगातार 48 घंटे के अनिवार्य आराम को साप्ताहिक अवकाश में मिलाने की मनाही की गयी थी।

मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का फैसला किया है। जांच में यह पता लगाया जायेगा कि इंडिगो की उड़ानों में देरी और उड़ानें रद्द होने की क्या वजह रही। साथ ही, जहां भी समुचित कार्रवाई की जरूरत होगी, वहां जिम्मेदारी तय की जायेगी और भविष्य में इस तरह की स्थिति न पैदा हो इसके लिए उपाय सुझाये जायेंगे।

मंत्रालय ने कहा है कि इसके अलावा एयरलाइंस को परिचालन संबंधी कई निर्देश दिये गये हैं ताकि सेवाएं जल्द से जल्द सुचारू की जा सकें। उसने उम्मीद जतायी कि इन निर्देशों को तत्काल लागू करने से शनिवार से फ्लाइट शिड्यूल सामान्य होने लगेगा और अगले तीन दिन में सेवाएं पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।

मंत्रालय ने विमान सेवा कंपनियों को नियमित और सही अपडेट देने की हिदायत दी है ताकि वे हवाई अड्डे पर आने की बजाय अपने घर से ही उड़ान की वास्तविक स्थिति जान सकें।

एयरलाइंस से कहा गया है कि उड़ान रद्द होने की स्थिति में यात्री से अनुरोध मिलने का इंतजार किये बिना उसे पूरा पैसा वापस किया जाये।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि हवाई अड्डे पर लंबे समय के लिए फंसे यात्रियों के होटल में ठहरने की व्यवस्था सीधे एयरलाइंस को करनी होगी।

वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को लॉन्ज में पहुंच उपलब्ध करायी जायेगी।

मंत्रालय ने स्थिति की वास्तविक समय में निगरानी के लिए एक 24 गुना 7 नियंत्रण कक्ष भी बनाया है।

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