नयी दिल्ली 27 फरवरी (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा है कि दिल्ली भाजपा सरकार ने विधानसभा सत्र के तीसरे दिन भी प्रदेश की जनता से किए वादों को लेकर कोई काम नहीं किया।
श्री यादव ने कहा कि शराब घोटाले के अतिरिक्त नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 13 अन्य रिपोर्ट को सदन में नहीं रखना भाजपा की मंशा पर सवालिया निशान उठता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा बची हुई कैग की रिपोर्टों को सदन के पटल पर न रखकर सच्चाई को छुपाना भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) की आपसी मिली भगत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले को लेकर कैग की रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा करने के लिए प्रदेश सरकार की निष्क्रियता से स्पष्ट है कि भाजपा नेता आबकारी नीति लागू होने में हुए अनैतिक लाभ के हिस्सेदार थे। उन्होंने सवाल किया कि कहीं अन्य रिपोर्टों को इसलिए तो सदन के पटल पर नहीं रखा जा रहा है क्योंकि उन विभागों में हुए भ्रष्टाचार में भी भाजपा की मिलीभगत हो।
उन्होंने कहा कि भाजपा के दिल्ली में सत्तासीन होने के बाद भी वही हो रहा है, जो आप की सत्ता के दौरान होता था। पहले भाजपा विधायक बाहर होते थे और अब आप के विधायक सदन के बाहर है। कहीं यह आपसी लड़ाई की पुनरावृति जनता से कैग रिपोर्टों की सच्चाई छुपाने की प्रक्रिया तो नहीं है, क्योंकि तीन दिनों में ऐसा कुछ भी नही हुआ जिसका दिल्ली की जनता को इंतजार है।
श्री यादव ने कहा कि आप की सरकार के भ्रष्टाचार को लेकर कैग की 13 अन्य रिपोर्ट जो दिल्ली जल बोर्ड, डीटीसी, बिजली, स्कूल निर्माण, प्रदूषण नियंत्रण पर खर्चा, सार्वजनिक उपक्रमों में आशा वर्कर, आशा किरण, मिड डे मील, राशन, मौहल्ला क्लीनिक, स्वास्थ्य आदि विभागों की है, भाजपा सरकार उन्हें दिल्ली की जनता के सामने क्यों नहीं ला रही है। उन्होंने कहा कि तीन दिनों के विधानसभा सत्र में भाजपा सरकार ने दिल्ली की जनता से किए गए वादों की चर्चा तक नहीं हुई, कहीं दिल्ली की जनता अन्य भाजपा शासित राज्यों की भांति ठगी तो नहीं गई।
उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक काम करने की बजाय विधानसभा और दिल्ली के क्षेत्रों के नाम बदलने की बात कर रहे हैं। नजफगढ़ का नाम बदलकर नाहरगढ़, मुस्तफाबाद का नाम बदलकर शिवपुरी और मोहम्मदपुर का नाम बदलकर माधोपुरम रखने की मांग कर रहे है।
