
खण्डवा। जायके में मसालों का सरताज प्याज उत्पादक जिला इस समय परेशानी में है। किसानों को लागत का आधा दाम भी नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन ने इस संबंध में कुछ जागरूकता दिखाई, लेकिन जिला प्रशासन के हाथ में ऐसा कुछ नहीं है, कि वह प्याज की कीमत बढ़वा दें।
यह प्रदेश और राष्ट्रीय सरकार वाला मुद्दा है। प्याज का निर्यात चालू रखने का निर्णय केंद्र सरकार ही ले सकती है। इस सबके बावजूद प्रशासन ने किसानों को बुलाकर उनकी समस्याएं पूछीं और उनके द्वारा बताईं समस्याओं को शासन व सरकार तक पहुंचाने का आश्वसन दिया।
जिला प्रशासन के अधिकारियों की किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में किसान संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यत: प्याज की फसल के दाम कम मिलने, सिंचाई के लिए 10 घंटे बिजली प्रदाय करने तथा यूरिया खाद की उपलब्धता के संबंध में समस्याएं बताईं।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर के. आर. बड़ोले, उप संचालक कृृषि नीतेश यादव के अलावा सहकारिता मंडी विद्युत वितरण कम्पनी तथा किसानों से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं का हर संभव निराकरण करने के लिए आश्वस्त किया।
बैठक में उपस्थित किसान प्रतिनिधियों में सुभाष पटेल, राधेश्याम चाचारिया, जय पटेल त्रिलोक पटेल, शैलेंद्र चौहान आशीष बरोले, शशि कुमार मिश्रा राजेंद्र प्रजापत जय पटेल, दिनेश महाजन संदीप सिंह सोलंकी, गौरी पटेल सहित अन्य किसान प्रतिनिधि मौजूद थे।
