सतना : जिस बालिका की तलाश में परिजन पिछले 7 वर्ष से बेहाल हुए जा रहे थे उसे जब सही सलामत अपनी आंखों के सामने देखा तो खुशी के मारे फफक कर रो पड़े. वहीं बालिका भी अपने परिजनों से मिलकर काफी भावुक हो गई. बालिका ने बताया कि परिजनों की डांट से नाराज होकर वह कोटा चली गई थी. जहां पर पिछले 7 वर्ष से रहते हुए वह काम कर रही थी. जब माता पिता की याद ने उसे भावुक कर दिया तो वह वापस लौट आई.
उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी माता पिता द्वारा 19 मई 2018 को अपनी नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की शिकायत की गई थी. परिजनों के अनुसार किसी बात को लेकर डांट-फटकार लगा दी गई थी. जिससे नाराज होकर उनकी लडक़ी कहीं चली गई. पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज कर खोजबीन का दावा किया गया. लेकिन लडक़ी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. वहीं दिन बीतने के साथ ही परिजनों की चिंता बढ़ती चली गई.
बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने से वे बेहाल रहने लगे. देखते देखते परिजनों केक इंतजार को 7 साल बीत गए. लेकिन इस कहानी में बुधवार को अचानक मोड़ तब आ गया जब पुलिस को इस बात की सूचना मिली कि पिछले 7 वर्ष से गुमशुदा लडक़ी मैहर में आई है. लिहाजा पुलिस ने बिना देरी किए मैहर पहुंचकर उसे दस्तयाब कर लिया. मैहर रेलवे स्टेशन पर मिलने के बाद जब पुलिस ने उसे वापस लाकर पूछताछ की तो लडक़ी ने बताया कि वह अपनी मर्जी से चली गई थी और उसके साथ किसी तरह का अपराध घ्टित नहीं हुआ.
याद आने पर लौटी
लडक़ी ने बताया कि परिजनों से नाराज होकर वह राजस्थान के कोटा चली गई थी. जहां पर रहते हुए वह काम काज करने लगी. लेकिन पिछले कुछ दिनों से जब अपने माता पिता की याद उस पर हावी होने लगी तब वह वहां से वापस लौट आई. अपनी बेटी को सही सलाम पाकर परिजन खुशी ने फुले नहीं समाए. वहीं इस मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस कप्तान हंसराज सिंह ने पुलिस टीम के लिए ईनाम 10 हजार की घोषण कर दी
