सीहोर। अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं मानिटरिंग समिति की बैठक कलेक्टर बालागुरू के की अध्यक्षता में आयोजित की गई.
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अत्याचार पीडि़तों के मामले में पूरी संवेनदशीलता और तत्परता के साथ कार्यवाही की जाए ताकि पीडि़त को समय पर न्याय मिल सके. जानकारी दी गई कि 81 प्रकरणों में 1 करोड़ 56 लाख रूपए राहत राशी वितरित की गई है. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए बनाया गया है. इस अधिनियम का उद्देश्य इन समुदायों को भेदभाव और अत्याचारों से बचाना और उनके सम्मानपूर्वक जीने के अधिकार को सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र के अभाव में प्रकरणों में राहत राशि जारी करने में विलंब नहीं होना चाहि. उन्होंने लोक अभियोजन प्रभारी को निर्देश दिए कि न्यायालयों मे लंबित प्रकरणों में निर्णय होने के संबंध में त्वरित कार्यवाही कराएं.
