सिरोंज/लटेरी: पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सिरोंज क्षेत्र में ग्राम चौपाल और जनसंवाद के जरिए जमीनी राजनीति को फिर से सक्रिय कर दिया है. मनरेगा, पंचायत व्यवस्था और संगठन विस्तार जैसे मुद्दों को उठाते हुए उन्होंने न सिर्फ ग्रामीण समस्याओं को केंद्र में रखा, बल्कि कांग्रेस को बूथ और पंचायत स्तर तक मजबूत करने का संदेश देकर 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी के संकेत भी दिए.दिग्विजय सोमवार को ग्राम देवपुर पहुंचे, जहां उन्होंने ग्राम चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधा संवाद किया. इस दौरान उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए जमीनी हकीकत को समझने और कांग्रेस संगठन को गांव व बूथ स्तर तक मजबूत करने का स्पष्ट संदेश दिया.
ग्राम चौपाल में दिग्विजय ने मनरेगा योजना के नाम परिवर्तन और एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए रोजगार की गारंटी है, और इसके मूल उद्देश्य से छेड़छाड़ जनता के हितों पर चोट है. उन्होंने पंचायतों को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया.
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत स्तर पर कांग्रेस कमेटी के गठन और संगठन विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई. दिग्विजय ने कार्यकर्ताओं से आमजन से निरंतर संपर्क बनाए रखने और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने का आह्वान किया, जिसे आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है.इसी दौरान लटेरी क्षेत्र के ग्राम मसूड़ी में हुए सड़क हादसे में मृत परिवार के परिजनों से मिलने दिग्विजय पहुंचे. यहां भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा भी पहुंचे थे. इससे उन्होंने मानवीय संवेदना के साथ-साथ क्षेत्रीय राजनीति में सक्रियता और जनसंपर्क की अहमियत को भी रेखांकित करने की कोशिश की
