जबलपुर:उच्च न्यायालय के गेट नंबर 4 के सामने एडवोकेट चेंबर व मल्टी लेवल पार्किंग प्रोजेक्ट के लिए बजट स्वीकृति पर अंतिम निर्णय नहीं लेने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है। दरअसल शासन की ओर से दलील दी गई कि वित्त विभाग द्वारा परियोजना कार्यान्वयन इकाई से कुछ स्पष्टीकरण मांगे गए हैं। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने अगली सुनवाई के दौरान वित्त विभाग के सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ कर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। मामले पर अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जबलपुर के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि उक्त भवन का शिलान्यास 4 मई 2025 को हुआ था। हाईकोर्ट के गेट नंबर-चार के सामने करीब 117 करोड़ रुपये से आधुनिक लायर्स चैंबर और मल्टी लेवल पार्किंग बनना है। इसका भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जितेंद्र कुमार माहेश्वरी, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस सूर्यकांत शर्मा और तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत की मौजूदगी में हुआ
छह माह तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। न्यायालय को बताया गया कि मामले की पिछली सुनवाई के दौरान भी सरकार की ओर से यही दलील दी गई थी। कोर्ट ने सरकार को कहा था कि यह उम्मीद की जाती है कि सक्षम प्राधिकारी मामले को शीघ्रता से निपटाएंगे और अगली सुनवाई की तारीख से पहले अंतिम निर्णय लेने का प्रयास करेंगे।
