स्वास्थ्य अमले एवं नायब तहसीलदार ने अवैध रूप से चल रही क्लीनिक को किया सील
खबर का असर
शहपुरा,(डिंडोरी): महेदवानी मुख्यालय में चल रहे झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ नवभारत ने खबर प्रमुखता से प्रसारित की थी। जिस पर स्वास्थ्य अमले की टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अनुविभागीय अधिकारी शहपुरा द्वारा टीम गठित कर जांच के आदेश दिए, जिसमें चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं राजस्व महेदवानी द्वारा महेदवानी मुख्यालय में चल रहे झोलाछाप डॉक्टर श्यामल सरकार पिता गोरचंद्र सरकार की अवैध क्लिीनिक पर छापा मारकर जांच की गई। जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा अमानक चिकित्सा नियंत्रण अपात्र चिकित्सा द्वारा नैतिक व्यवसाय को नियंत्रित करने हेतु संयुक्त जांच में पाया गया। वहीं डिग्री की जांच करने पर अटल बिहारी वाजपई हिंदी विश्वविद्यालय भोपाल के अंक सूची सत्र 2021-22 प्राथमिक चिकित्सा उपचार एक वर्षीय जो अनवेलिड था पाया गया।
ज्ञातव्य हो कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अधिकारी जिला डिण्डौरी द्वारा बीते दिनांक 8 /2/2017 इलेक्ट्रो होम्योपैथी अल्टरनेटिव मेडिसिन के तहत अपनी पद्धति से सेवा देने के संबंध में तथा नाम के पहले डॉक्टर शब्द का प्रयोग न करें, एलोपैथिक से चिकित्सा व्यवसाय न करें के आदेश जारी किए थे। वहीं उक्त कथित डाक्टर की क्लीनिक से मौके पर एलोपैथिक दवाई जिसमें सेसैजुल-एच और एंटीबायोटिक दवाई पाई गईं जो कि डॉक्टर के जांच बिना उपयोग नहीं किया जा सकता। वहीं मौके पर डेंटल सर्जरी की मशीन भी पाई गई जो की चिकित्सा रजिस्टर्ड में पंजीयन नहीं मिली।
इनका कहना है
एसडीएम डिण्डौरी के निर्देशन पर शिकायत मिलने के बाद मेंहदवानी मुख्यालय में संचालित अवैध क्लिीनिक पर राजस्व तहसीलदार, पुलिस विभाग सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को क्लीनिक की जांच करते हुए छापेमारी की कार्यवाही की जिसमें डॉक्टर के पास कोई वैद्य रजिस्ट्रेशन नहीं मिला तथा डॉक्टर के पास एलोपैथिक की दवाइयां भी बरामद हुईं हैं। जिस पर टीम द्वारा क्लिीनिक संचालन करने वाले श्यामल सरकार के क्लीनिक को पंचनामा तैयार कर सील किया गया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर अवैध क्लिीनिको पर नजर रखी जा रही है।
सुकमन सिंह कुलेश
नायब तहसीलदार मेंहदवानी
