नई दिल्ली | 15 जनवरी, 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी 20-सूत्रीय शांति योजना के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत कर दी है। विशेष शांति दूत स्टीव विटकॉफ द्वारा घोषित इस नए चरण का मुख्य उद्देश्य युद्धविराम से आगे बढ़कर क्षेत्र में पूर्ण स्थिरता लाना है। इस रणनीति के तहत गाजा का पूर्ण निरस्त्रीकरण किया जाएगा, जिससे सभी अनधिकृत सशस्त्र समूहों को खत्म कर भविष्य में हिंसा की किसी भी संभावना को जड़ से मिटाया जा सके। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि शांति प्रक्रिया का यह विस्तार संघर्ष के मूल कारणों को हल करने के लिए एक बड़ा सामरिक कदम है।
गाजा के दैनिक कार्यों और नागरिक प्रबंधन के लिए एक अंतरिम तकनीकी प्रशासन स्थापित किया जा रहा है, जिसे ‘नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा’ (NCAG) नाम दिया गया है। यह समिति किसी राजनीतिक विचारधारा के बजाय तकनीकी विशेषज्ञों के माध्यम से गाजा में बुनियादी सुविधाओं की बहाली और पारदर्शी प्रशासनिक ढांचे का निर्माण करेगी। इसका मुख्य कार्य युद्ध से तबाह हुए ढांचे के पुनर्निर्माण की देखरेख करना और गाजा में एक जवाबदेह शासन व्यवस्था सुनिश्चित करना है। अमेरिका का मानना है कि इस कदम से गाजा के आम नागरिकों को बेहतर जीवन और सुरक्षा मिल सकेगी।
शांति मिशन के दूसरे चरण की सफलता के लिए अमेरिका ने हमास को कड़े निर्देश देते हुए शेष मृत बंधकों के अवशेषों को तत्काल वापस करने का अल्टीमेटम दिया है। विटकॉफ ने चेतावनी दी है कि सहयोग न करने पर हमास को “गंभीर परिणाम” भुगतने होंगे। वहीं, इस पूरी प्रक्रिया में मिस्र, तुर्की और कतर जैसे क्षेत्रीय सहयोगियों की भूमिका को अपरिहार्य बताया गया है। पहले चरण में मानवीय सहायता और जीवित बंधकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के बाद, अब अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मिलकर गाजा के पुनर्निर्माण और सुरक्षा ढांचे को विश्व स्तरीय मानकों पर लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

