सिद्धांत चतुर्वेदी ने बॉलीवुड में छोटे शहरों के लेखकों के संघर्ष और भाषाई भेदभाव पर खुलकर बात की। उन्होंने ‘लापता लेडीज’ जैसी कहानियों का समर्थन किया।
अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी आज मनोरंजन जगत का एक जाना-माना नाम हैं। अपनी मेहनत और लगन से ‘गली बॉय’ के एमसी शेर बनकर उभरे सिद्धांत ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान फिल्म इंडस्ट्री के कई कड़वे सच उजागर किए। उन्होंने विशेष रूप से छोटे शहरों से आने वाले लेखकों के संघर्ष और हिंदी सिनेमा के सिमटते हुए दायरे पर अपनी चिंता व्यक्त की।
सिद्धांत का मानना है कि आज भी बॉलीवुड का दिल मुंबई के जुहू, बांद्रा और अंधेरी जैसे पॉश इलाकों तक ही सीमित है। उनके अनुसार, देश के कस्बों और गांवों में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन इंडस्ट्री की जटिल व्यवस्था उन तक पहुँचने का रास्ता नहीं देती। उन्होंने कहा, “हिंदी सिनेमा को अगर वाकई आम जनता से जुड़ना है, तो उसे इस पुराने दायरे से बाहर निकलना ही होगा।”
