एसडीएम-तहसीलदारों की कॉलोनी में चोरों की दस्तक, बेखौफ वारदात से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

सीहोर। भोपाल-इंदौर बायपास पर स्थित राजस्व कॉलोनी में बीती रात चोरों ने जिस बेखौफ अंदाज में वारदात को अंजाम देने की कोशिश की, उसने जिले की कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है. जिस कॉलोनी में एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व विभाग के कई पटवारी निवास करते हैं, उसी कॉलोनी में चोरों का धावा सुरक्षा व्यवस्था पर करारा तमाचा है. हालांकि सूचना मिलने के बाद पहुंची मंडी पुलिस ने सर्चिंग अभियान भी चलाया लेकिन चोर हत्थे नहीं चढ़ सके थे.

प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात लगभग ढाई बजे अज्ञात चोर हाईवे स्थित राजस्व कॉलोनी में घुसे. बताया जाता है कि चोरों ने पहले कालोनी के मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को किसी डंडे की मदद से ऊपर कर दिया ताकि उनकी करतूत कैमरे में कैद न हो सके. इसके बाद उन्होंने एक मकान का ताला तोड़ डाला. इस दौरान उन्होंने चैनल गेट का ताला तोड़कर ऊपरी तल पर रहने वाली महिला एसडीएम के घर चोरी करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बाजू के ब्लॉक में रहने वाले पटवारी की नींद खुल गई और कुछ ही देर में पूरी कालोनी में रतजगा हो गया. जिसके बाद शोर मचाया गया. लोगों की सक्रियता देख नकाबपोश चोर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए. हालांकि समय रहते लोगों के जाग जाने से बड़ी चोरी की वारदात टल गई, लेकिन इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें अब प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी का भी भय नहीं है. घटना की सूचना मिलने के बाद थाना मंडी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई थी. इस दौरान पुलिस ने सोया चौपाल और इछावर रोड पर सर्चिंग भी की, लेकिन रात के अंधेरे में चोर रफूचक्कर हो गए थे.

घटना के समय यदि पुलिस गश्त प्रभावी होती, तो चोरों को कॉलोनी में घुसने का मौका ही नहीं मिलता. रहवासियों का आरोप है कि रात केr समय पुलिस वाहन महीनों तक नजर नहीं आते, जिससे इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं. घटना के बाद से कॉलोनी में रहने वाले अधिकारी और उनके परिजन भय के माहौल में हैं. कई परिवारों ने रातभर जागकर पहरा दिया, वहीं महिलाओं और बुजुर्गों में असुरक्षा की भावना बनी है. हालांकि पुलिस की मानें तो वह हाईवे पर नियमित पेट्रोलिंग करती है. राजस्व कालोनी के पास भी रोजाना गश्त की जाती है.

सुरक्षित मानी जाने वाली कॉलोनी में नाकाम सुरक्षा

हाईवे स्थित राजस्व कॉलोनी को अब तक अपेक्षाकृत सुरक्षित इलाका माना जाता रहा है, लेकिन न तो कॉलोनी के प्रवेश मार्ग पर कोई सुरक्षा व्यवस्था है और न ही रात में कालोनी में पहरा देने वाले सुरक्षाकर्मी. इसके अलावा नियमित पुलिस गश्त का भी अभाव बना रहता है. कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे अंधेरे का फायदा उठाकर अपराधी आसानी से कॉलोनी में दाखिल हो जाते हैं. गनीमत रही कि चोर वारदात को अंजाम नहीं दे पाए और लोगों की आहट सुनकर जंगल की तरफ भाग खड़े हुए.

आम जनता की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कानून लागू कराने वाले अधिकारियों की कॉलोनी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का भरोसा कैसे किया जाए? यह घटना पुलिस के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है. अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेकर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करती है या फिर यह वारदात भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगी.

चाणक्यपुरी की चोरी के आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर

गत 3-4 जनवरी की रात थाना कोतवाली क्षेत्र के चाणक्यपुरी स्थित एक सूने घर को चोरों ने निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के जेवर पर हाथ साफ करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करना तो दूर उनका सुराग तक लगा पाने में नाकाम साबित हुई है. चाणक्यपुरी कालोनी निवासी राजेश गुरबानी परिवार के साथ घूमने गए थे तब चोरों ने घर के ताले तोड़कर सोने के जेवरातों पर हाथ साफ कर दिया था. इस मामले में पुलिस अब तक आरोपियों को तलाश नहीं कर सकी है.

एफआईआर दर्ज कराने नहीं पहुंचे

पुलिस राजस्व कालोनी में भी नियमित गश्त करती है. बीती रात भी सूचना मिलने के बाद हम तत्काल पहुंच गए थे. हालांकि अब तक कोई एफआईआर दर्ज कराने नहीं आए हैं. हम चोरों की तलाश कर रहे हैं. शीघ्र ही उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे.

सुनील मेहरा,

थाना प्रभारी मंडी

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