फरीदाबाद छापेमारी के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर सकती है एनआईए

नयी दिल्ली, (वार्ता) राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) फरीदाबाद छापेमारी के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर सकती है।

फरीदाबाद में की गयी छापेमारी में 350 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक बरामद किए गए थे।

एनआईए की टीमें इस मामले की पूरी जाँच की जानकारी लेने के लिए दिल्ली पुलिस, उत्तर प्रदेश एटीएस, फरीदाबाद पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संपर्क में हैं।

सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय आतंकवाद-रोधी जाँच एजेंसी एक-दो दिन में डॉ. उमर मोहम्मद के परिवार के सदस्यों का बयान दर्ज करेगी, जो कथित तौर पर उस कार को चला रहे थे जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले के बाहर विस्फोट हुआ था। उमर के परिवार के सदस्यों को मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिरासत में लिया था। एनआईए की टीम विस्फोट स्थल से बरामद शवों के अंगों से मिलान के लिए डीएनए नमूने एकत्र करने हेतु डॉ. उमर के आवास का भी दौरा करेगी। डीएनए परीक्षण से यह साबित होगा कि क्या आई20 कार उमर ही चला रहा था। गौरतलब है कि डॉ. उमर फरीदाबाद में छापेमारी के बाद से लापता हैं।

उन्होंने बताया कि शुरुआत में कोतवाली पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें इस घटना को ‘बम विस्फोट’बताया गया था। अब एनआईए इस मामले में नयी प्राथमिकी दर्ज करेगी।

जांच अधिकारियों ने दावा किया है कि यह एक तरह का नया आतंकी मॉड्यूल था, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा पेशेवरों की भर्ती की थी, और यह भर्ती जैश-ए-मोहम्मद के आकाओं द्वारा की गई थी। गाड़ी के निशानों से पता चलता है कि इसे तारिक ने पुलवामा के सलमान नाम के एक व्यक्ति से खरीदा था। तारिक ने इसे आमिर को बेच दिया, जिसने इसे डॉ. उमर को सौंप दिया, जो पुलवामा का ही रहने वाला है।

सूत्रों का कहना है कि उमर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर कार में एक डेटोनेटर रखा और एएनएफओ (अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल) का इस्तेमाल करके आतंकी वारदात को अंजाम दिया। विस्फोट से कुछ देर पहले सामने आए एक वीडियो में ड्राइवर, एक नकाबपोश व्यक्ति, जिसकी पहचान डॉ. उमर के रूप में हुई है, दिखाई दे रहा है।

उन्होंने बताया कि जांचकर्ताओं ने चार हज़ार से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरों की जाँच की है। उन्होंने संदिग्धों की पहचान करने के लिए इलाके में सक्रिय मोबाइल फ़ोनों के डंप डेटा की भी जाँच की है।

इस बीच दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है और 20 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को चांदनी चौक में बाज़ार खोलने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया, हालांकि लाजपत राय मार्केट बंद रहा। व्यापारियों ने अपनी दुकानें खुली रखीं, लेकिन अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि अनावश्यक भीड़ न हो। वातावरण में एक अनिश्चित सन्नाटा था जो कल हुई दुखद घटना के बाद के असर को प्रतिबिंबित कर रहा था।

 

 

 

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